लखनऊ से स्टडी टूर पर आई डेलीगेशन के जाने के बाद नगर निगम में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी को डेलीगेशन के स्वागत पर न बुलाने पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
नेगी ने कहा कि मेयर ने अकेले ही डेलीगेशन का स्वागत किया और उनसे बातचीत की। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को बुलाया तक नहीं।
सीनियर डिप्टी मेयर ने आरोप लगाए कि मेयर उन्हें नगर निगम के किसी भी काम के लिए विश्वास में नहीं ले रहे हैं। नेगी ने कहा कि वे मेयर के इस बर्ताव का मुद्दा निगम सदन की अगली बैठक में उठाएंगी।
दरअसल बुधवार को लखनऊ नगर निगम का 5 सदस्यीय दल चंडीगढ़ नगर निगम आया था। यहां उन्होंने मेयर हरफूलचंद्र कल्याण और चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद से मुलाकात की।
इस कार्यक्रम के लिए सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी को 3 बजे फोन आया और उन्हें आने को कहा गया। नेगी ने कहा कि करीब 15 मिनट बाद ही उन्हें दोबारा फोन आया कि कार्यक्रम रद्द हो गया है।
अब टीम के दोबारा आने की खबर मुझे दी ही नहीं। नेगी ने कहा कि उन्हें तो अखबारों में पता चला कि मेयर अकेले ही स्वागत कर गए।
मेयर के इस रवैये पर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पहले मेयर ने उनसे वायदा किया था सभी कार्यों में वे उन्हें साथ लेकर चलेंगे, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
डिप्टी मेयर को तो बुलाया ही नहीं
वहीं डिप्टी मेयर को तो बुलाया ही नहीं गया। डिप्टी मेयर देवेश मौदगिल ने कहा कि उन्हें तो खुद अखबारों से पता चला कि लखनऊ नगर निगम से कोई टीम स्टडी के लिए आई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें तो मेयर ऑफिस से कोई फोन ही नहीं आया।