अब तक पीजीआई के केमिस्ट शॉप में 57.2 प्रतिशत डिस्काउंट देने की बात की जा रही थी, लेकिन जब अमर उजाला ने इस बारे में जांच की तो पता चला कि शॉप के पास कई महत्वपूर्ण दवाओं का स्टाक नहीं है।
साथ ही इस छूट के बारे में मरीजों को भी नहीं पता है। न तो इस बारे में कोई बोर्ड या बैनर लगाया गया है। पीजीआई के मरीजों का कहना था कि वे अब तक कई हजार रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन छूट का लाभ नहीं मिला है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि लोगों को इस बारे में पता हीं नहीं है।
दवा पर 57.2 प्रतिशत से लेकर 95 प्रतिशत छूट का दावा
इस बारे में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शिवांगी मेडिकोज ने फिलहाल बैनर तो लगा दिया है। साथ ही दावा किया है कि वह अब 57.2 प्रतिशत छूट के साथ 95 प्रतिशत छूट पर दवा देगा।
शॉप ने यह भी दावा किया है कि कैंसर पीड़ित के लिए विशेष तौर सस्ती दवाएं दी जाएंगी, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि शॉप के पास दवाओं की बहुत कम स्टाक है। अधिकतर दवाओं मरीजों को पड़ोस की दुकान से लेना पड़ता है। इस पर शॉप मालिक ने बताया कि उनके पास करीब 90 प्रतिशत दवाएं हैं। अभी दुकान खुले मात्र दस दिन हुए हैं। धीरे-धीरे दवाओं का स्टाक आ रहा है। जल्द ही मरीजों की शिकायते दूर हो जाएंगी।
नेहरू ब्लाक में केमिस्ट शॉप में प्राइज वार
नेहरू ब्लाक में स्थित केमिस्ट शॉप के बीच प्राइज वार छिड़ गया है। 57.2 प्रतिशत छूट देने की दुकान अलॉट होने के बाद दूसरे शॉप ने भी डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है। दूसरी दुकानों ने भी 15 से 70 प्रतिशत डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है। हालांकि मरीजों को इस डिस्काउंट से कितना फायदा हुआ, यह देखने की बात होगी। यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि किन दवाओं पर यह छूट दी जा रही है।
ब्रांडेड दवाओं के बजाए जेनरिक पर छूट
पीजीआई ने जो केमिस्ट शॉप अलॉट की है, उसे ब्रांडेड दवाओं पर ही 57.2 डिस्काउंट देना है। दरअसल इस दुकान को अलॉट करने के विरोध में चंडीगढ़ की केमिस्ट एसोसिएशन एकजुट हो गईं थी। उनका कहना था कि इतने कम रेट पर कोई भी दवा नहीं दे पाएगा। यदि छूट दी जाएगी तो वह जेनरिक दवाओं पर ही दी जाएगी। इस बारे में मरीजों ने भी शिकायत की है कि उन्हें छूट जेनरिक दवाओं पर ही दी गई है।