पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा में लो-मेरिट जेबीटी के टर्मिनेशन पर रोक लगाने के बाद भी शिक्षा विभाग ने ऐसे जेबीटी को हटाने का सिलसिला जारी रखा है। इसके खिलाफ पीड़ित शिक्षकों ने अवमानना याचिका दायर कर दी।
मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। जेबीटी शिक्षिका प्रदीप कौर व अन्य द्वारा दायर अवमानना याचिका में दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
याचिका पर पैरवी करते हुए अधिवक्ता एवं पंजाब के एएजी हरसिमरन सिंह सेठी ने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता सभी योग्यता व शर्तें पूरी करने के बाद जेबीटी पद पर नियुक्त हुए थे। कट ऑफ डेट के बाद वर्ष 2013 में एचटेट पास करने वाले उम्मीदवारों को सरकार द्वारा इस शर्त पर भर्ती में शामिल किया गया था कि कट ऑफ डेट को सभी शर्तें पूरी कर पहली ओरिजनल मेरिट लिस्ट में चयनित किसी भी उम्मीदवार को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में एक अंडरटेकिंग हरियाणा के एडवोकेट जनरल द्वारा भी हाईकोर्ट में दी गई थी।