बीमा क्लेम अदा न करने पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 22 लाख 68 हजार रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। साथ ही सेवा में कोताही के लिए एक लाख रुपये मुआवजा और 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के दो महीना के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा।
यह निर्देश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता निवासाी सेक्टर-21डी ने चंडीगढ़ और मुंबई स्थित लिबर्टी विडियोकॉन जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 चंडीगढ़ स्थित कृष्णा ऑटोमोबाइल्स बीएमडब्ल्यू कार डीलर्स के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बीएमडब्ल्यू कार को अपने प्रयोग के लिए रखा था।
इस कार का बीमा लिबर्टी वीडियोकॉन जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। इसकी अवधि 28 फरवरी 2015 से 27 फरवरी 2016 तक थी। इसकी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) 22 लाख 68 हजार रुपये थी। 23 अगस्त 2015 को सुबह तीन बजे मोहाली के सेक्टर 79 से वापस चंडीगढ़ लौटते समय भारी बारिश और लो विजिबलिटी के कारण उनकी कार बीच सड़क पर गड्ढे में फंस गई। ड्राइवर ने कार का इंजन बंद कर दिया गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने दूसरे पक्षों को सूचित किया। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने स्पॉट सर्वे किया। उसके बार कार को टो कर अथराइज्ड सर्विस सेंटर कृष्णा ऑटोमोबाइल्स पर लाई गई। इस संबंध में मोहाली के सोहाना पुलिस स्टेशन में डीडीआर भी दर्ज कराई गई थी। कृष्णा ऑटोमोबाइल्स ने 22 लाख 13 हजार 220 का 4 सितंबर 2015 को एस्टीमेट बनाया।
शिकायतकर्ता ने क्लेम सेटल के लिए सभी जरूरी दस्तावेज के साथ आवेदन किया लेकिन उनका क्लेम नहीं दिया गया। शिकायतकर्ता ने इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू 22 लाख 68 हजार रुपये के अलावा मुआवजा और मुकदमा खर्च की मांग की। दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।