पैसे लेकर दांत को न चमका पाना एक डेंटल डाक्टर को भारी पड़ा है। उपभोक्ता फोरम ने डाक्टर को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता के एक हजार रुपये लौटाए। इसके साथ ही सेवा में कोताही के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा। आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के भीतर निर्देश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज अदा करना होगा।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण -1 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता हरकीरत सिंह घुम्मन निवासी सेक्टर-21 चंडीगढ़ ने सेक्टर-35 सी स्थित डा सर्वजीत सिंह केयर ऑफ द परफेक्ट स्माइल डेंटल क्लीनिक और सेक्टर-35 सी स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता हरकीरत सिंह घुम्मन ने उपभेाक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि वे 18 जुलाई 2016 को डा सर्वजीत सिंह घुम्मन के क्लीनिक में अपने दांत के दाग को हटाने के लिए गए थे।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि डा सर्वजीत जब दांत को जब साफ कर रहे थे तो उनके मुंह और होंठ जख्मी हो गए। इसके लिए डाक्टर ने उनसे एक हजार रुपये चार्ज किए, लेकिन उनके दांत के स्टेन बरकरार रहे। इसके बाद वे अंबाला कैंट स्थित डा ऋषि नागपाल के पास गए। उन्होंने उनके दांत साफ किए और स्टेन को भी रिमूव किया। इसके लिए उन्होंने आठ सौ रुपये लिए। डा सर्वजीत सिंह ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। उन्होंने कहा कि उनका 18 वर्ष का अनुभव है। उन्हें अवार्ड भी मिला हुआ है।
22 कैरेट गोल्ड के नाम पर कम कैरेट का गोल्ड बेचना सेक्टर-22 स्थित निक्का मल बाबूराम एंड संस को बहुत महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 चंडीगढ़ ने ज्वैलर शॉप संचालकों को अनैतिक व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होने व सेवा में कोताही का दोषी पाया है। अपने फैसले में फोरम ने कहा कि यह एक ऐसा केस है, जिसमें एक भेालेभाले उपभोक्ता (शिकायतकर्ता) का व्यापारी द्वारा शोषण किया गया।
उपभोक्ता को सामान की गुणवत्ता की टेस्टिंग करवाने का कोई अवसर नहीं था और वह पूरी तरह व्यापारी के ईमानदार व्यवहार और उसकी दक्षता पर निर्भर था। ऐसे में यह शोषण व धोखाधड़ी, जालसाजी का केस है, जिसमें ज्वैलर अनैतिक व्यापारिक गतिविधियां में संलिप्त था।
ऐसे में फोरम ने शिकायत को मंजूर करते हुए इस ज्वैलर को आदेश दिए कि शिकायतकर्ता को बेचा गया खराब सामान तुरंत 22 कैरेट के गोल्ड के से रिप्लेस करें या शिकायतकर्ता द्वारा वापस किए गए गोल्ड की मौजूदा मार्केट वैल्यू दें। इसके अलावा सेवा में कोताही बरतने, अनैतिक व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होने, शिकायतकर्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना के रूप में दो लाख रुपये मुआवजा अदा करें। साथ ही 15 हजार रुपये का मुकदमा खर्च भी अदा करें।
सेक्टर 41-बी निवासी राज कुमार ने सेक्टर-22 डी स्थित निक्का मल बाबूराम एंड संस के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने 8 नवंबर, 2000 में 22 कैरेट के दो कड़े और एक गले की चेन यहां से खरीदी थी। उसके अलावा 22 कैरेट के 4 गोल्ड बैंगल्स 22 नवंबर, 2000 में 28,967 रुपये में खरीदे थे, जिनका भार 51.77 ग्राम था। शिकायतकर्ता ने फरवरी, 2016 में एक न्यूज पढ़ी कि पंचकूला के संजीव गोयल को 22 कैरेट का बोल 16.25 कैरेट गोल्ड बेचने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
ऐसे में शिकायतकर्ता ने दिल्ली स्थित सर्टिफाइड लैब से खरीदी ज्वैलरी की जांच करवाई। इसमें पता चला कि बैंगल के आंतरिक और बाहरी तरफ सिल्वर, कॉपर और जिंक जैसी हल्की धातुओं से 22 कैरेट गोल्ड की परत चढ़ाई है। ऐसे में गोल्ड की शुद्धता 64.9 प्रतिशत (15.5 कैरेट) पाई गई। बैंगल्स का भार मार्च, 2016 में सिर्फ 41 ग्राम था।
वहीं गोल्ड चेन की गुणवत्ता भी 81.2 प्रतिशत(19.5 कैरेट) पाई गई। दूसरी ओर शिकायतकर्ता काफी पहले संबंधित दुकानदार को कड़े वापस कर चुका था। चेन पर दुकानदार की स्टैंप वाला लॉक गुम गया था। शिकायत के मुताबिक दुकानदार ने कड़े व चेन के सिर्फ क्वालिटी सर्टिफिकेट दिए थे व सिर्फ बैंगल्स के बिल दिए थे। ज्वेलर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 15 साल बाद संबंधित शिकायत दायर की गई है। ऐसे में देरी के चलते इसे रद्द किया जाना बनता है। इससे पहले न्यायिक कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत अप्रैल, 2016 में रद्द हो चुकी है।
इंश्योरेंस पॉलिसी-लोन बेनिफिट का झांसा देकर 70 लाख ठगे
सेक्टर-49 की एडवोकेट सोसायटी निवासी संजय भार्गव को इंश्योरेंस पॉलिसी और लोन बेनिफिट का झांसा देकर कई लोगों ने 70 लाख रुपये ठग लिए। जब संजय को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। वहीं, सेक्टर-34 थाने में आरोपियों के खिलाफ साजिश और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने आगामी जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों की पहचान राजस्थान, जयपुर वेस्ट के वैशालीनगर, गांधी पथ स्थित कंपनी प्राइमेरो एडवेंट 226 क्राउन सक्वेयर प्लाजा के अभिषेक जैन व अन्य के रूप में की है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें अच्छे रिटर्न की बात कहकर इंश्योरेंस पॉलिसी प्रोवाइड करवाने और लोन बेनिफिट के झांसे में फांसकर 70 लाख रुपये ठगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।