चंडीगढ़ सेक्टर-22सी स्थित लिबर्टी एक्सक्लूसिव शोरूम ने कैरी बैग के लिए एक रुपया चार्ज किया तो उपभोक्ता फोरम ने उस पर जुर्माना ठोक दिया। इसके अलावा कैरी बैग के रुपये वसूलने के पांच अलग-अलग मामलों में फोरम ने पैंटालूंस शोरूम पर जुर्माना लगाया है। सेक्टर-38 वेस्ट में रहने वाले जीवाराज और सेक्टर-56 निवासी रवि ने सेक्टर-22सी स्थित लिबर्टी एक्सक्लूसिव शोरूम 21 अक्टूबर 2019 को लिबर्टी शोरूम से 1299 रुपये के दो जोड़ी जूते खरीदे।
इन जूतों को ले जाने के लिए उनसे दो रुपये मांगे गए। जीवाराज को न चाहते हुए भी पैसे देने पड़े। इसकी शिकायत उन्होंने उपभोक्ता फोरम में कर दी। फोरम ने टिप्पणी में साफ कहा कि उपभोक्ता जूतों को हाथ में लेकर नहीं जा सकता था, इसलिए कैरी बैग मुहैया कराना स्टोर की जिम्मेदारी है। ऐसी कंपनियों के देशभर में कई स्टोर होंगे।
इस तरह कैरी बैग के लिए पैसे वसूलना गलत है। फोरम ने लिबर्टी शोरूम को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया और दो कैरी बैग के लिए वसूले गए दो रुपये वापस करने के आदेश दिए। इसके अलावा उपभोक्ता की तरफ से मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न झेलने के लिए 1000 रुपये मुआवजा और मुकदमे के खर्च के रूप में 500 रुपये देने का आदेश दिया।
पैंटालूंस ने चार उपभोक्ताओं से वसूले रुपये
केस 1: एलांते मॉल के पैंटालूंस के खिलाफ कैरी बैग के पैसे वसूलने पर फोरम ने पांच आदेश जारी किए हैं। पहला मामला रूपनगर के मोरिंडा निवासी वीरेंद्र कुमार का है। उन्होंने 27 अप्रैल 2019 को पैंटालूंस से कुछ सामान खरीदा। उनसे कैरी बैग के सात रुपये लिए गए।
केस 2: इसी तरह सेक्टर-24सी स्थित हबीब अहमद ने शिकायत दी कि 16 जून 2019 को उन्होंने पैंटालूंस से कुछ सामान खरीदा। उनसे भी कैरी बैग के पांच रुपये वसूले गए।
केस 3 और 4: मोहाली के फेस-5 में रहने वाले करणवीर सिंह और सेक्टर-44डी में रहने वाले राजेंद्र कुमार ने अपनी अलग-अलग शिकायत में कहा कि उन्होंने शोरूम से कुछ शॉपिंग की। सामान को ले जाने के लिए उनसे भी कैरी बैग के पांच रुपये लिए गए।
पैंटालूंस के खिलाफ जारी किए यह आदेश
पहले मामले में कैरी बैग के लिए वसूले सात रुपये वापस करने के आदेश दिए। इसके अलावा 500 रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए। अन्य चार मामलों में भी वसूले गए 5 रुपये वापस करने के अलावा 1000 रुपये मानसिक पीड़ा व उत्पीड़न झेलने के लिए और मुआवजे के तौर पर 500 रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए। सभी आदेशों का पालन 30 दिन में करना होगा।
कंपनी का लोगो प्रिंट न हो, तब भी नहीं चार्ज कर सकते पैसे
अगर कैरी बैग सादा हो तो भी कंपनी उसके लिए पैसे नहीं ले सकती है। फोरम ने साफ कहा है कि सामान को हाथ में नहीं ले जा सकते, उसे कैरीबैग मुहैया कराना स्टोर की जिम्मेदारी है। वह चाहे प्रिंटेड बैग दें या सादा।