प्रश्न- मैंने पिछले सप्ताह एक दूध का पैक खरीदा। इसे खोलकर जैसे ही कटोरे में डाला तो पाया कि दूध की जगह पानी था। इस बात की जानकारी मैंने संबंधित कंपनी को दी। मैंने यह भी कहा कि इसकी वजह से मेरे परिवार को नुकसान हो सकता था। लेकिन उन्होंने मुझे इस संबंध कोई जानकारी नहीं दी।
मनजिंदर सिंह, रोपड़
उत्तर- मनजिंदर सिंह जी, आपको कंपनी को शिकायत करने की बजाय उनको एक पत्र लिखना चाहिए। यदि वह इस पत्र का कोई जवाब नहीं देते हैं तो आप कंज्यूमर फोरम में जा सकते हैं।
प्रश्न- मैंने अपना सूट सिलवाने के लिए दिया और उसके लिए चार हजार रुपये दिए। मुझे टेलर ने कहा कि वह सूट दो सप्ताह में रेडी कर देगा। लेकिन एक महीने के बाद उसने सिला नहीं। मैं यह सूट अपने भाई की शादी में पहनना चाहती थी। इसकी वजह से मुझे भारी मानसिक परेशानी हुई। मैं क्या कर सकती हूं।
नीति बत्रा, चंडीगढ़
उत्तर- नीति जी, जैसा मामला आपने बताया वह पूरी तरह से सेवाओं में कमी का है। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2(1)(जी) के अंतर्गत आप इस मामले में रिफंड और राहत क्लेम कर सकती हैं।
प्रश्न- मैंने 50 हजार रुपये में छह महीने का स्लिमिंग पैकेज लिया। मुझसे कहा गया कि इस पैकेज से मेरा बीस किलो वेट कम होगा। हालांकि चौथे ही महीने में मेरा एक्सीडेंट हो गया। इसकी वजह से मैं एक महीने के लिए बेड रेस्ट पर हो गई। मैं कंपनी की सेवाएं ऐसे में नहीं ले सकी। मैने कंपनी से रिफंड के लिए क्लेम किया। लेकिन कंपनी ने मेरा अनुरोध नहीं माना। मैं क्या कर सकती हूं?
भाव्या खन्ना, पंचकूला
उत्तर- भाव्या जी, पहली बात यह कि आप तेजी से ठीक हों। दूसरी बात यह कि कंपनी को यह देखना चाहिए कि आप कंपनी की सेवाएं नहीं ले सकीं। ऐसी स्थिति में यदि कंपनी आपकी बात नहीं सुनती है तो आप कंपनी पर सेवाओं में कमी के अंतर्गत कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत शिकायत कर सकती हैं।