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आदेश मानने से इंकार पर शालीमार एस्टेट के एमडी को 2 वर्ष कैद

Fri, 08 Apr 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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उपभोक्ता आयोग - फोटो : DEMO Pics
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फैसला लागू न करने पर उपभोक्ता फोरम ने शालीमार एस्टेस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अग्रवाल को दो वर्ष की कैद की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। शिकायतकर्ता उर्वशी शर्मा एवं अन्य ने शालीमार एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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यह फैसला जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने सुनवाई के बाद दिया है। फैसले में यह भी कहा गया है कि 10 हजार रुपये की जुर्माना की राशि अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद होगी।

उर्वशी शर्मा ने बिल्डर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम को शिकायत दी थी। इसमें कहा गया था कि बिल्डर ने उनसे नॉन आक्यूपेशन चार्ज लिया था साथ ही कन्वींस डीड की रजिस्ट्री नहीं की गई थी। सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने शालीमार एस्टेट को निर्देश दिया था कि वह नॉन आक्यूपेशन चार्ज को माफ करे।
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साथ ही बिना इंट्रेस्ट के आईएमएस और सीएएम चार्ज करे। कन्वींस डीड शिकायतकर्ता के पक्ष में रजिस्ट्री करे। इसके अलावा 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। उपभोक्ता फोरम के फैसले को लागू न करने पर शिकायतकर्ता ने फोरम में शिकायत दी। लेकिन बिल्डर पर कोई असर नहीं हुआ।
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फैसला न मानने पर बिल्डरों को दो दो वर्ष की कैद

कोर्ट, कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो
फैसला लागू न करने पर उपभोक्ता फोरम ने बिल्डरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दो- दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम चंडीगढ़ ने ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सागर सेतिया और तेजिंदर पाल सेतिया, ग्रीन फील्ड साइट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरशरण बतरा, हरदयाल सिंह मान और सुमेश चावला को दो दो वर्ष की कैद की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

शिकायतकर्ता हरबंश कौर व अन्य ने मेसर्स चंडीगढ़ ओवरसीज एंड अदर्स के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने चंडीगढ़ ओवरसीज को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को बाय बैक अमाउंट सात लाख 50 हजार रुपये अदा करे। 50 रुपये प्रतिवर्ग फुट प्रति महीना की दर से 19 जनवरी 2010 से अदा करने के अलावा 50 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने का निर्देश दिया था। लेकिन उपभोक्ता फोरम के फैसले को लागू नहीं किया गया।

इसके बाद हरवंश कौर ने उपभोक्ता फोरम को आवेदन किया। इसकेबाद सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने दो दो वर्ष की कैद की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में जमा करने का निर्देश उपभोक्ता फोरम ने दिया है।
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