पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) प्रदेश में बिजली की दरों में होने वाली संभावित वृद्धि का विरोध करेगी।
पीपीसीसी प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा ने शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) बिजली दरों में इजाफे के रूप में जनता पर 700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसने पंजाब स्टेट इलेक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन के पास दायर की गई पटीशन में मई से सितंबर महीने की अवधि के दौरान बिजली की कमी से निपटने के लिए 2000 करोड़ रुपये खर्च करके 5047 मिलियन यूनिट बिजली खरीदने की बात कही है।
इसमें कहा गया है कि उक्त अवधि के दौरान प्रदेश के थर्मल प्लांटों में बिजली की कमी होगी, जिस वजह से पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं हो पाएगा। इसलिए बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए इसमें से 700 करोड़ रुपये बिजली टैरिफ में वृद्धि के रूप में लोगों से वसूले जाने हैं।
खैहरा ने कहा कि पीएसपीसीएल की यह पटीशन शिअद अध्यक्ष और पंजाब के उप मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के उन दावों की पोल खोलती है, जिसमें वह प्रदेश को बिजली सरप्लस बनाने और इसके रेट कम करने की बात करते हैं। खैहरा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी हालत में लोगों पर पड़ने वाले इस बोझ को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका विरोध करेगी।