मनरेगा के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस जो संघर्ष शुरू करने जा रही है, उसमें चाय की प्याली गरमाहट ला सकती है।
पंचकूला में इस रणनीति के संकेत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. अशोक तंवर ने दिए हैं। दरअसल मनरेगा के 10 साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस ने पंचकूला में ग्रामीण बेरोजगारों का मुद्दा उठाते हुए संघर्ष का ऐलान किया है।
सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और संघर्ष की इस जंग उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए की उनसे मुलाकात के साथ सेल्फी और उनके घरों में चाय पार्टी कार्यक्रम तय किए जाने की योजना है।
वहीं जो कार्यकर्ता अपने घर, प्रतिष्ठान में चाय पार्टी रखना चाहते हैं वहां भी वे स्वयं और अन्य वरिष्ठ नेतागण पहुंचेंगे। आज मनरेगा व अन्य मुद्दों पर कांग्रेस प्रदेशभर में संघर्ष का बिगुल फूंकने का ऐलान कर रही है, लेकिन कांग्रेस का बड़ा गुट बैकफुट पर दिख रहा है। तंवर ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है, सभी फ्रंट पर हैं।
मंच नहीं, कार्यकर्ताओं में जाकर बैठ गए तंवर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डा.अशोक तंवर जैसे ही सेक्टर-16 कार्यक्रम में पहुंचे वे मंच पर नहीं,बल्कि करीब एक घंटे तक कार्यकर्ताओं के बीच मंच से नीचे ही बैठे रहे।
कांग्रेस में धड़ेबाजी और पूर्व सीएम हुड्डा के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के सवाल पर तंवर ने कहा कि पार्टी में कोई धड़ेबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सीएम सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित सभी बड़े नेताओं को न्यौता दिया गया था। हो सकता है कि व्यस्तता के कारण ये नेतागण न पहुंच सके हों।