नवजोत सिंह सिद्धू के प्रधान बनने के साथ ही कांग्रेस पार्टी पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आक्रामक होने वाली है। अब पार्टी कार्यकर्ता कोटकपूरा और बेअदबी कांड जैसे मुद्दों पर फोकस करेंगे। दिल्ली से मिले 18 सूत्रीय एजेंडे में भी आलाकमान ने सिद्धू को इन दोनों मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए हैं। नवनियुक्त अध्यक्ष भी इन मुद्दों को उठाकर कांग्रेस पर अकालियों के साथ मिले होने के आरोपों को दूर हटाने का प्रयास करेंगे।
प्रधान बनने से पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू कोटकपूरा और बेअदबी कांड को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इसे लेकर अमरिंदर सिंह सिद्धू से बेहद नाराज भी हैं। इस नाराजगी को दूर करने के लिए आलाकमान से मुलाकात के दौरान पार्टी विधायकों और मंत्रियों ने फीडबैक दिया था कि कैप्टन बादलों के खिलाफ मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं। जिसके बाद दिल्ली से कैप्टन और संगठन के लिए 18 सूत्रीय एजेंडा जारी किया गया।
इसमें बादलों के खिलाफ मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश जारी किए गए। हालांकि इसके बाद भी ये मुद्दे ठंडे बस्ते में ही पड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि अब प्रधान बनने के बाद बादलों के खिलाफ खुलकर बोलने वाले सिद्धू और भी आक्रामक होंगे। संगठन पर कार्य शुरू करने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को चुनावी मुद्दा बनाने की मुहिम शुरू करेंगे।
छह से अधिक किए ट्वीट
जुलाई में ही नवजोत सिंह सिद्धू ने कोटकपूरा और बेअदबी कांड से जुड़े मामलों को लेकर कैप्टन पर छह से अधिक बार ट्वीट किए। उन्होंने अपने ट्वीट में 2017 के दौरान चुनावी प्रचार के कुछ वीडियो भी अपलोड कर दोनों मामलों की कैप्टन को याद दिलाई। तभी से कैप्टन सिद्धू से खासे नाराज चल रहे हैं।
धर्म से जुड़े हैं दोनों मामले
सिख धर्म से जुड़े होने के कारण बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड पंजाब के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। 2015 में हुए इन मामलों की जांच अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। 2017 में कैप्टन ने चुनावी वादों में भी इन मुद्दों को शामिल किया था, लेकिन साढ़े चार साल में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर पंजाब के लोगों में खासी नाराजगी है।