इसके जवाब में शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस ने एक सोशल मीडिया अभियान ‘पंजाब चन्नी दे नाल है’ शुरू किया और अपने फेसबुक पेज पर मुख्यमंत्री चन्नी के समर्थन में आने वाले कई लोगों के वीडियो क्लिप पोस्ट किए हैं। दरअसल, पंजाब में विपक्षी दलों ने इस मामले में मुख्यमंत्री के साथ ही कांग्रेस को भी निशाने पर ले लिया है।
सभी विपक्षी दलों ने ईडी के छापे के दौरान चन्नी के भतीजे के ठिकानों से बरामद धन का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। पंजाब भाजपा ने तो इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ कांग्रेस को ‘घोटालेबाज कांग्रेस’ और ‘कांग्रेस चोर’ करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। छापे के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल भी चन्नी पर हमलावर हैं।
उधर, पंजाब कांग्रेस सोशल मीडिया अभियान के तहत पार्टी के विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने एक वीडियो बयान में भाजपा पर निशाना साधते हुए पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि चन्नी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ईडी का दुरुपयोग कर रहा है।
‘ईडी के छापे अनुसूचित जाति के सीएम के खिलाफ साजिश’
अब तक पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू का समर्थन करते रहे और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ हमेशा मुखर रहे कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो शुक्रवार को खुलकर मुख्यमंत्री के पक्ष में उतर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को अनुसूचित जाति के मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिश करार दिया।
लंबे समय से चन्नी सरकार के खिलाफ सवाल उठाते रहे दूलो ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करके चन्नी का खुलकर बचाव किया। दूलो ने कहा कि रेत खनन के केस तो पंजाब में कई जगहों पर दर्ज हैं। जिस केस में मुख्यमंत्री के रिश्तेदार को फंसाया गया है, उसमें कई अन्य लोगों पर भी एफआईआर दर्ज है लेकिन किसी पर भी ईडी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि जानबूझकर और गलत समय पर इस तरह छापे मारे जा रहे हैं।
दूलो ने कहा कि पंजाब में कई तरह के माफिया चल रहे हैं और इस संबंधी उन्होंने केंद्र सरकार को भी चिट्ठी लिखी थी कि पंजाब पुलिस इन माफियाओं को पकड़ने में असमर्थ है, इसलिए उनकी एजेंसियां इन पर कार्रवाई करें, लेकिन आज केवल अनुसूचित जाति को ही निशाने पर लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जब पंजाब में चुनाव हो रहे हैं तब ऐसे मौके पर छापे मारना सही नहीं है। केंद्र सरकार इस मामले में इतनी ही ईमानदार है तो उन सभी लोगों पर भी छापे मारे जाएं जिनके नाम खनन के केस में शामिल हैं।