इस दौरान उन्होंने कैप्टन से मिलना भी जरूरी नहीं समझा। हालांकि विवादित बयानों के अगले ही दिन सिद्धू ने यह कहकर मामला शांत करने की कोशिश की कि कैप्टन उनके पिता समान हैं और वे उनका बहुत आदर करते हैं। लेकिन इस सारे मामले से सिद्धू और कैप्टन के बीच सियासी खींचतान के कयास शुरु हो गए। चुनाव प्रचार के दौरान सिद्धू के गले में जख्म हो जाने की शिकायत के बाद वे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती रहे और बुधवार को वो चंडीगढ़ वापस आए।
कैप्टन से मिलने के बाद सिद्धू अपने पुराने मित्र कपिल शर्मा के विवाह समारोह में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गए। कैप्टन से मुलाकात के दौरान सिद्धू ने पाकिस्तान से लाए तोहफे उन्हें भेंट किए। सिद्धू ने कैप्टन का हालचाल पूछा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस मौके पर सिद्धू ने उन्हें तीतर का एक स्टेच्यू भेंट किया, जिसे वे पाकिस्तान से लाए थे।
पत्रकारों से बातचीत में सिद्धू ने मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के बारे में कुछ भी बताने से इंकार किया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मुख्यमंत्री से बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों से जुड़े एक सवाल पर सिद्धू ने कहा कि इधर बाबा नानक देव जी का दरवाजा खुला और उधर कांग्रेस को बंपर जीत मिल गई।
उन्होंने कहा कि 2019 में राहुल गांधी लाल किले से झंडा फहराएंगे। सिद्धू ने कहा कि एक नौजवान नेता की अगुवाई में देश आगे बढ़ रहा है। करतारपुर कॉरिडोर से जुड़े सवाल पर सिद्धू ने कहा कि वह इस मसले पर अब और नहीं बोलना चाहते। उन्होंने इतना ही कहा कि कॉरिडोर को आतंकवाद से जोड़कर न देखा जाए।