फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने हाईकोर्ट से मांगी सुरक्षा, जान को खतरा बताया

Tue, 12 Jul 2016 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
randeep surjewala - फोटो : ani
विज्ञापन
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला ने अपनी सुरक्षा के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को सुरजेवाला की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आरके जैन ने केंद्र और हरियाणा सरकार को 19 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
विज्ञापन


एडवोकेट संजीव बंसल के मार्फत दायर याचिका में रणदीप सुरजेवाला ने कुख्यात अपराधी व गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग से अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने याचिका में कहा है कि पहले उन्हें सरकार की ओर से सुरक्षा प्रदान की गई थी लेकिन केंद्र की मौजूदा सरकार ने उनकी सुरक्षा को वापस ले लिया है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कई आपराधिक मामलों में वांछित सुरेंद्र ग्योंग फिलहाल फरार है और पुलिस के प्रयास के बावजूद उसे पकड़ा नहीं जा सका है। सुरेंद्र ग्योंग को जब बीते दिनों पकड़कर जेल में डाला गया था तो वह पैरोल पर बाहर आने के बाद फिर से फरार हो गया है। याचिका में सुरजेवाला ने अपने लिए सीआईएसएफ की सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जर्मनी से बब्बर खालसा ने भेजे धमकी भरे फैक्स

रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता - फोटो : ‌file photo
याचिका में सुरजेवाला की ओर से कहा गया है कि वह यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के नाते पूरे पंजाब का दौरा करते रहे हैं और इस दौरान यूथ कांग्रेस का कार्यालय में जर्मनी से बब्बर खालसा ने धमकी भरा फैक्स भेजा है।

याचिका में कहा गया है कि 1993 से 2005 के बीच उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के खिलाफ चार बार विधानसभा चुनाव लड़ा है, जिसमें कई बार चुनाव के दौरान विपक्षी दल की ओर से गुंडों और असामाजिक तत्वों की मदद से व्यापक हिंसा कराई गई थी।

2005 में विधानसभा चुनाव के दौरान नरवाना के सभी पोलिंग बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया गया था और अर्द्धसैनिक बलों के 500 जवानों को तैनात करके चुनाव कराए गए थे। बब्बर खालसा से मिली धमकी के मद्देनजर 2005 में केंद्र सरकार ने उन्हें सीआईएसएफ के जरिए जेड श्रेणी सुरक्षा मुहैया कराई थी। लेकिन उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री से आग्रह कर सीआईएसएफ की बजाए हरियाणा कमांडो पुलिस की सुरक्षा देने को कहा था।

याचिका में सुरजेवाला ने कहा है कि 26 मई, 2016 को गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग के फरार होने की घटना के अगले ही दिन 27 मई को हरियाणा के डीजीपी ने उनकी सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर अमरीक सिंह चहल को हटाने के आदेश जारी कर दिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें