सांसदों की तर्ज पर विधायकों को लैड (लोकल एरिया डेवलपमेंट) फंड देने की मांग को लेकर हरियाणा के विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायकों ने जोरदार मांग उठाई। कांग्रेस विधायक वरुण मुलाना, आफताब अहमद, भारत भूषण बतरा, अमित सिहाग और शैली चौधरी ने अन्य प्रदेशों का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान, यूपी और पंजाब में विधायकों को अलग से फंड दिया जाता है। लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐसा प्रावधान करने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का प्रावधान करने पर रही चर्चा के दौरान पंचायत विकास मंत्री देवेंद्र बबली ने जवाब दिया कि प्रदेश में विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और कहा कि लैड फंड और आदर्श ग्राम योजना दोनों अलग अलग हैं।
साथ ही पिछले दो साल से इस योजना के तहत कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। बाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला और कहा कि प्रदेश में विधायकों को हलके के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है।
अब तक 67 विधायकों के लिए यह राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा, जहां कम राशि पहुंची है, ऐसे 10 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें दादरी, बेरी, गढ़ी सांपला, कलानौर, ऐलनाबाद, इसराना, आदमपुर, रेवाड़ी, डबवाली और कालांवली शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद इस मामले को देखेंगे कि जिन विधायकों को विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है और उनके कार्य पूरे नहीं हुए हैं। जिन विधायकों को 5 करोड़ रुपये की पूरी राशि नहीं मिली है, उनको 31 मार्च तक दिलाएंगे। मनोहर लाल ने कहा कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में यदि कुछ काम नहीं हुआ है तो विधायक विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी लें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस 5 करोड़ रुपये की राशि के अंतर्गत विधायक किसी भी प्रकार के कार्य चाहे शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत आदि सरकार को भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि 90 विधायकों को उनके क्षेत्रों में हुए कामों की सूची भेजी जाएगी, जिसमें जिन कार्यों के कम्पलीशन सर्टिफिकेट आना बाकी हैं, वे भी शामिल होंगे। इस सूची में से यदि कोई कार्य शेष रह गए होंगे तो उसकी जानकारी विधायक सरकार को दें, उस पर जल्द से जल्द आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा शुरू हुई विधायक आदर्श ग्राम योजना, एस्टीमेट भेजें विधायक : बबली
पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने विधायकों से कहा कि गांवों की जनसंख्या के आधार पर प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र को विधायक आदर्श ग्राम योजना (वी. ए .जी.वाई) के अंतर्गत प्रतिवर्ष 2 करोड़ रुपए तक की धनराशि दी जाती है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन के दौरान 8 अप्रैल 2020 को हुई सर्वदलीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस योजना को रोक दिया गया था। अब दिसंबर 2022 में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव संपन्न होने के बाद इस योजना का कार्यान्वयन पुन: शुरू किया गया है। इसलिए विधायक इसके तहत एस्टीमेट बनाकर भेजें, ताकि इस पर जल्द कार्य शुरू हो सके। वर्ष 2016-17 से 2018 -19 तक गोद लिए गए गांवों के 957 विकास कार्यों के लिए 90.67 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई।