नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी जाने के बाद जजपा के प्रधान महासचिव डा. केसी बांगड़ ने इनेलो पर तंज कसा है। बांगड़ ने कहा कि यह देरी से उठाया गया सही कदम है क्योंकि अब न इनेलो के पास विधानसभा में सदस्यों का पूरा आंकड़ा है और न ही हरियाणा के मतदाताओं में इस पार्टी के लिए कोई कद्र रह गई है।
उन्होंने कहा कि इनेलो को छोड़ने वाले विधायकों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ेंगी और चुनाव आते-आते इनेलो में वहीं विधायक रह जाएंगे जिन्हें अन्य राजनीतिक दलों में जगह नहीं मिलेगी।
बांगड़ ने कहा कि इनेलो नेता अपनी बिगड़ती राजनीतिक सेहत के लिए जजपा को जिम्मेदार बताने की बजाय ये बताएं कि उनका कारवां क्यों उजड़ता जा रहा है। उनके अनुसार जजपा को समर्थन देने वाले सभी इनेलो विधायक भी कानून का पूरी तरह पालन करेंगे और नियमों के अनुसार ही कदम उठाएंगे।
दलबदल की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा: चौधरी
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरएस चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इनेलो के दोनों विधायकों ने पहले भाजपा ज्वाइन की थी और बाद में इस्तीफा दिया है। लेकिन अब ये बताने की कोशिश की जा रही है कि दोनों का इस्तीफा भाजपा ज्वाइन करने से पहले आ गया था। इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब दलबदल की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा तुरंत प्रभाव से रणबीर गंगवा, केहर सिंह रावत, नैना सिंह चौटाला, अनूप धानक, राजबीर फोगाट और पिरथी सिंह नंबरदार को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करना चाहिए।