आरोप लगाया कि यह सब अकाली दल की साजिश है, ताकि वह कांग्रेसी सरपंच पर हमला करने के मामले को दबाकर आरोपियों को बचा सकें। साथ ही महिला आयोग को भेजे जवाब में जलालपुर ने इस सारे मामले की गहनता से जांच कराने की भी मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जहां एक तरफ जलालपुर ने आज महिला आयोग को जवाब भेजा। वहीं दूसरी तरफ उनके फिर से बोल बिगड़ गए। मीडिया से बात करते हुए जलालपुर ने कहा कि पुलिस ने उनके कहने पर औरतों को क्या उठाना था, उन्होंने तो अब तक सरपंच पर हमला करने के आरोपियों को नहीं पकड़ा। कहा कि मामले को हुए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन हमलावर अभी भी खुले घूम रहे हैं।
फिर से कैप्टन खिलाफ खोला मोर्चा- कहा कैप्टन सुन तो लेते हैं, पर असर कोई नहीं
जलालपुर ने एक बार फिर से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला। कहा कि कैप्टन अपने विधायकों की शिकायतें सुन तो लेते हैं, लेकिन उन पर असर नहीं होता। सरकार कुछ नहीं कर रही है। कहा कि साल 2002 में बनी कैप्टन सरकार ने काम किए थे, तत्कालीन सरकार के मंत्री भी समझदार थे। लेकिन अब तक कैप्टन सरकार पर अफसरशाही ही हावी है।