विधानसभा में बोलते कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान।
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सदन के ऊपर अपमानजनक टिप्पणी करने पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व बेरी से कांग्रेस विधायक डॉ. रघुवीर सिंह कादियान को माफी मांगनी पड़ी। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव खारिज होने के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक डॉ. रघुवीर सिंह कादियान और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. ज्ञान चंद गुप्ता के बीच बहस हो गई।
बहस के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने कादियान के खिलाफ शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे कादियान चिढ़ गए और बोल पड़े कि यह सदन है या बूचड़खाना। इस पर स्पीकर नाराज हो गए और उन्होंने कादियान से कहा कि आपने सदन का अपमान किया है। सदन को बूचड़खाना कहने पर आप माफी मांगे या फिर शेष बैठक के लिए मैं आपको सदन से निष्कासित करता हूं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से सदन की गरिमा कम होती है। यह पहली बार नहीं है कि इस सदस्य ने ऐसी टिप्पणी की है। ऐसा लगता है कि यह एक उनकी आदत है। गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि उन्हें कांग्रेस विधायक को निष्कासित करने के अपने आदेश का पालन करवाना चाहिए। भले ही इसके लिए उन्हें मार्शल को बुलाना पड़े। इस दौरान विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस विधायक की टिप्पणी को सदन से हटा देना चाहिए। मगर विस अध्यक्ष नहीं मानें। बाद में हुड्डा ने कहा कि कादियान खेद जताने को तैयार हैं। कादियान ने कहा कि वह सदन के मानदंडों और गरिमा से
अवगत हैं और उन्होंने यह टिप्पणी इसलिए की क्योंकि दूसरा पक्ष उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दे रहा था। हालांकि मैंने केवल यह कहा था कि यह एक सदन है, बुखारखाना नहीं। मैं अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त करता हूं। कांग्रेस विधायक के खेद जताने के बाद मामला शांत हुआ।