विधायक फतेह जंग सिंह बाजवा व राकेश पांडे के बेटों को सरकारी नौकरी देने के विरोध में अब कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह भी उतर आए हैं। एक प्रेसवार्ता के दौरान विधायक परगट सिंह ने इस फैसले पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन दोनों परिवारों के बेटों को नौकरी दी गई है, वह दोनों परिवार आर्थिक व राजनीतिक रूप से मजबूत हैं और अनुकंप के आधार पर नौकरी की श्रेणी में नहीं आते।
उन्होंने कहा कि पांच मंत्रियों के विरोध के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधायकों के बेटों को नौकरी देने का प्रस्ताव पारित कर दिया, जो कि सही नहीं है। परगट सिंह ने तो सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के भाई को डीएसपी बनाने पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही हैं तो विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी किस लिए दी जा रही है। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के चल रहे मुद्दे पर कहा कि इस मुद्दे को कैप्टन अमरिंदर सिंह बनाम नवजोत सिंह सिद्धू बना दिया गया है, जबकि मामला लोगों की भलाई और विकास से जुड़े मुद्दों का होना चाहिए।
आम आदमी पार्टी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका आम आदमी पार्टी में जाने का कोई इरादा नहीं है, वह कांग्रेस में ही रहकर जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे। फिलहाल उन्होंने नवांशहर से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की बात को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलने पर खुद पर होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी पर उन्होंने कहा कि वह हर तरह की कार्रवाई झेलने को तैयार हैं।