इस वन टू वन मीटिंग के दौरान सिसवां फार्म हाउस में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ भी मौजूद थे, जिन्होंने विधायकों का पक्ष लेते हुए मुख्यमंत्री को स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों को सजा दिलाए बिना मामला समाप्त नहीं होगा और कांग्रेस के लिए आने वाले दिनों में जनता को जवाब देना भारी पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों को जनता के बीच जाना है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, दोषियों को सजा दिलाई जाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की छवि तभी सुधर सकेगी अगर दोषियों को सजा दिलाई गई। फिर भले ही दोषी अफसर हों या सियासी नेता। बैठक में मौजूद विधायक अमरिंदर राजा वडिंग ने भी कहा कि सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, क्योंकि सरकार का कार्यकाल भी समाप्त होता जा रहा है। ऐसे में जल्द कार्रवाई बहुत जरूरी है।
कैप्टन आज मिलेंगे माझा और दोआबा के विधायकों से
मुख्यमंत्री की प्रदेश के कांग्रेसी विधायकों से वन टू वन मुलाकात बुधवार को भी जारी रहेगी। बुधवार को माझा और दोआबा के कांग्रेस विधायकों को सिसवां स्थित फार्म हाउस में बुलाया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री इस मुलाकात के जरिये पार्टी विधायकों से उनके हलकों की समस्याओं और आगामी चुनाव को लेकर जरूरी रणनीति पर चर्चा करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार की बैठक की तरह ही मुख्यमंत्री को माझा व दोआबा के विधायकों से भी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड के मामलों पर तेज कार्यवाही की मांग का ही सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को न्यायिक नहीं बल्कि राजनीतिक करार दिया है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कैप्टन ने कहा कि फैसले में न्यायाधीश की ओर से की गई टिप्पणियां केस से संबंधित दायर याचिकाओं का हिस्सा भी नहीं हैं। पंजाब सरकार हाईकोर्ट के फैसले में की गई टिप्पणियों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है। इसके अलावा मामले में जल्द ही नई एसआईटी का गठन किया जाएगा। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की ओर से कोटकपूरा फायरिंग केस में की गई जांच को रद्द कर दिया था और पक्षपातपूर्ण जांच के लिए विजय प्रताप को फटकार लगाई थी।
रंधावा और जाखड़ का इस्तीफा रद्द कर दिया : कैप्टन
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुनील जाखड़ की तरफ से इस्तीफा दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इसे रद्द कर दिया है। वहीं, बेअदबी मामले में देरी के सवाल पर कैप्टन ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के हाल के फैसले का बेअदबी के मामलों से कोई संबंध नहीं है। यह फैसला कोटकपूरा गोलीकांड से संबंधित है। बेअदबी केस चल रहे हैं और इनमें कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह पिछली अकाली सरकार थी, जिसने केस सीबीआई को सौंप दिए थे और मौजूदा कांग्रेस सरकार केस की फाइलें वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी।