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Chandigarh News: कांग्रेस की सूची में हो रही देरी, विपक्षी पार्टियां मुद्दा बनाने में जुटी

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-कांग्रेस को निशाने पर ले रहीं भाजपा, जजपा और इनेलो
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-पार्टी की गुटबाजी और धड़ेबाजी को भी नेता दे रहे हवा

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुटबाजी के चलते हरियाणा में प्रत्याशियों की सूची तय नहीं कर पाने को लेकर कांग्रेस पार्टी से जहां कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है, वहीं विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाने में जुट गए हैं। भाजपा, इनेलो और जजपा तीनों ही दल इस बात को लेकर कांग्रेस को निशाने पर ले रहे हैं। बार-बार प्रत्याशियों की सूची को लेकर हो रही देरी और अटकलों के चलते अब विपक्षी दलों ने कांग्रेस को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की गुटबाजी और धड़ेबाजी को भी विपक्षी जमकर हवा दे रहे हैं।
पिछले 15 दिनों से हरियाणा कांग्रेस की 9 सीटों को लेकर मंथन चल रहा है। स्क्रीनिंग कमेटी की छह से अधिक बैठकें और सीईसी की तीन बैठकों के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। स्क्रीनिंग कमेटी ने पैनल बनाकर हाईकमान को दे दिया। हाईकमान द्वारा सभी सीटों पर एक-एक नाम तय करने के लिए कहा गया, लेकिन बात नहीं बन पाई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा व एसआरके गुट (कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी) की गुटबाजी के चलते प्रत्याशी तय नहीं हो पा रहे हैं। दोनों ही धड़े अपने समर्थकों और चहेतों को वोट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर गुरुग्राम और भिवानी को लेकर पेंच फंसा हुआ है। हाईकमान के आदेश पर सब कमेटी बनाई गई। कमेटी ने दोनों धड़ों से बातचीत के बाद रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी है। अब कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा में दोबारा से सर्वे कराने का फैसला लिया है। अब इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टिकटों का वितरण होगा।
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बाक्स

कांग्रेस इसलिए विपक्षी दलों के निशाने पर

कांग्रेस विपक्षी दलों के निशाने पर इसलिए है, क्योंकि यहां पर गुटबाजी काफी हावी है। कांग्रेस के नेता एक-दूसरे के खिलाफ न केवल बयान बाजी करते हैं, बल्कि उनके समर्थक जनसभाओं और बैठकों में सार्वजनिक रूप से भिड़ते रहे हैं। दूसरा एक तो पहले ही हरियाणा में कांग्रेस का पिछले 9 साल से अधिक समय से संगठन नहीं है। विपक्षी दल इन्हीं बातों को लेकर कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सीएम नायब सिंह सैनी कई बार कह चुके हैं कि बिना सामने प्रत्याशी आए चुनाव का आनंद नहीं है, क्योंकि कांग्रेस अपने उम्मीदवार ही तय नहीं कर पा रही है। वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और इनेलो के नेता अभय चौटाला लगातार कांग्रेस पर तीर छोड़ रहे हैं और गुटबाजी के मुद्दे को जनता के बीच उठा रहे हैं।
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