पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में ऑपरेशन लोटस का मुद्दा गूंजेगा। राज्य कांग्रेस के सीनियर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर मांग की है कि ऑपरेशन लोटस में अब तक जो भी कार्रवाई की गई है, उसकी रिपोर्ट 19 जून से शुरू हो रहे दो दिवसीय सत्र के दौरान सदन में पेश की जाए।
बाजवा ने पिछले विशेष सत्र के दौरान सरकार द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव और उस पर चर्चा का विस्तार से ब्योरा देते हुए, अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी द्वारा पंजाब में आप विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में 14 सितंबर 2022 को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में आप विधायकों का प्रतिनिधिमंडल राज्य के डीजीपी से मिला था और उनकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
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बाजवा ने लिखा कि इस मामले में सरकार द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई के नतीजों को जनता के साथ साझा किया जाए। उन्होंने लिखा कि ऑपरेशन लोटस के नाम से चर्चित हुए इस प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई हुई और इस कार्रवाई में क्या कुछ सामने आया और पूरे मामले में जांच की मौजूदा स्थिति क्या है, इस बारे में सारी जानकारी सदन में रखी जाए।
सदन में 3.11 घंटे हुई थी प्रस्ताव पर चर्चा
बाजवा ने अपने पत्र में पिछले विशेष सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही का विस्तृत ब्योरा भी पत्र में लिखा। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा अनुमोदित विश्वास प्रस्ताव 27 सितंबर 2022 को सदन में पेश किया गया था। विश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री 36 मिनट तक भावुक होकर बोले। इसके बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री अमन अरोड़ा का भाषण हुआ, जो 13 मिनट तक चला। इसके बाद 3 अक्टूबर 2022 को, एक मंत्री समेत 17 सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ सदन में 1 घंटा 46 मिनट तक उक्त प्रस्ताव पर आगे की चर्चा हुई।
बाजवा ने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री ने चर्चा समाप्त करने के लिए अतिरिक्त 36 मिनट का समय लिया। नतीजतन, कुल 3.11 घंटे का समय, केंद्र में सत्तारूढ़ दल द्वारा कथित तौर पर विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले को समर्पित किया गया। बाजवा ने सदन में आप सरकार के उक्त प्रस्ताव पर एतराज जताते हुए लिखा कि सदन का समय और जनता का पैसा आम आदमी पार्टी की भव्यता दर्शाने पर खर्च कर दिया गया।