अपने इस वादे को पूरा करने में असमर्थ रहे। जब सिद्धू कैप्टन अमरिंदर की सरकार में मंत्री बने तब दो वर्ष बीत जाने के बाद लोक सभा चुनाव से कुछ दिन पहले तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर पांच आरओबी के निर्माण का प्रस्ताव रखा था। पीयूष गोयल ने सिद्धू को इन पांच आरओबी के निर्माण का भरोसा दिया था। इसी आश्वासन को लेकर सिद्धू ने टीपी सिंह के साथ मुलाकात की है।
सिद्धू ने इस मुलाकात में टीपी सिंह को बताया की अमृतसर के जोड़ा फाटक के नीचे बनाये गए रेलवे अंडरपास की कुल चौड़ाई मात्र छह फुट हैं। जब यह अंडर पास का निर्माण किया गया था, तब इस इलाके में आबादी बहुत कम थी। लोगों के पास वाहन भी कम थे।
अब इस इलाके की आबादी काफी बढ़ गई है। यहां से गुजरने वाले तीन से चार लाख लोगों को इस फाटक के कारण कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अंडर पास की चौड़ाई 35 फुट कर दी जाए तो यह समस्या दूर हो सकती है। चौड़ाई बढ़ाने के लिए वहां पर सभी विकल्प मौजूद हैं।
इसके साथ ही सिद्धू ने वल्ला फाटक में भी आरओबी के निर्माण का मुद्दा उठाया है। इसके साथ ही हुसैनीवाला व शिवाला गंगा राम रेलवे फाटक में भी आरओबी के निर्माण की भी मांग की हैं। सिद्धू ने टीपी सिंह के साथ बातचीत में कहा की आरओबी के निर्माण में पंजाब सरकार द्वारा अपने हिस्से की दी जाने वाली राशि नगर सुधार ट्रस्ट ने पहले ही मंजूर की हुई है। हालांकि की सिद्धू ने इन दिनों मीडिया से दूरी बना कर रखी है।