कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने शनिवार को स्थानीय इकाई को सूचना दिए बिना मनीमाजरा में एक पब्लिक मीटिंग की।
इस मीटिंग का आयोजन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मनिंदर सिंह की ओर से किया गया था। मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए तिवारी ने कहा कि पंजाब में अकाली और भाजपा गठजोड़ आप पार्टी को फंडिंग कर रहा है ताकि पिछले विधानसभा चुनाव की तरह आप भी पीपीपी की तरह वोट तोड़े।
पब्लिक मीटिंग के दौरान मनीष तिवारी ने लगातार बढ़ रही महंगाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेवार बताया। उन्होंने कहा कि शहर की सांसद किरण खेर जहाज से शहर में आती हैं और चली जाती है । लेकिन शहरवासियों की समस्याएं दूर करने की उनको कोई चिंता नहीं है।
सांसद किरण खेर की प्रशासन के अपने अधिकारी ही नहीं सुनते हैं तो उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। तिवारी ने कहा कि इस साल के अंत में होने वाले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत हासिल करेगी।
इंटक अध्यक्ष तिवारी पाले में
इंटक अध्यक्ष कुलबीर सिंह भी अब तिवारी गुट में आ गए है उन्होंने तिवारी के साथ मीटिंग के दौरान मंच सांझा किया जबकि पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली, प्रिंसिपल गुरबचन सिंह, जेएन शास्त्री ने भी भाग लिया।
बजट का कोई फायदा नहीं
तिवारी का कहना है कि नगर निगम ने जो बजट पास किया है उसका कोई फायदा नहीं है। उनका कहना है कि नगर निगम को केंद्रीय बजट आने के बाद शहर का बजट पास करना चाहिए ताकि पता लग सके कि प्रशासन को कितनी ग्रांट शहर के लिए मिल रही है। शहरवासियों की इस तरह की उम्मीदें बढ़ाने का कोई फायदा नहीं है।
फिर कहा- मनोनीत पार्षदों की जरूरत नहीं
तिवारी ने कहा कि वह अब भी अपने स्टैंड पर स्पष्ट है कि नगर निगम में मनोनीत पार्षद नहीं होने चाहिए उनका कहना है कि मेयर का कार्यकाल 5 साल का होना चाहिए जिसका चयन सीधे जनता द्वारा होना चाहिए।
मालूम हो कि मेयर चुनाव से पहले भी तिवारी ने मनोनीत पार्षदों को वोटिंग अधिकार न होने की बात कहते हुए कांग्रेस में हंगामा मचा दिया था जिसका कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने खंडन करते हुए कहा था कि वह मनोनीत पार्षदों के वोटिंग अधिकार के पक्ष में है।
‘कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में जाने से रोका गया’
पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली ने आरोप लगाया है कि मनीमाजरा में आयोजित कार्यक्रम में बंसल गुट की ओर से कार्यकर्ताओं को फोन करके रोका गया। पाली का कहना है कि पूर्व मंत्री पवन बंसल कार्यकर्ताओं को बांटने की राजनीति कर रहे हैं।