कांग्रेस के इसी मुद्दे को नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला व इनेलो विधायकों ने आगे बढ़ाते हुए सरकार से इस पर जवाब मांगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कर्ज से दबे किसान प्रदेश में आत्महत्याएं कर रहे हैं, लेकिन सरकार बेफ्रिक है। किसानों को फसलों के पूरे दाम भी नहीं मिल रहे हैं। इस पर जवाब देते हुए वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए बहुत कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, न कि इनेलो सरकार के कार्यकाल की तरह किसानों पर गोलियां दाग रही है।
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने बचाव में उतरते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के कार्यकाल में किसानों की हालत पहले की सरकारों से बहुत बेहतर है। इसी मुद्दे पर इनेलो भी हंगामा करती हुए वेल में आ गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रही। उधर, इस नारेबाजी के दौरान ही विधानसभा स्पीकर विधेयक पारित करवाते रहे। इनेलो के मुद्दे पर जब सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो इनेलो विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर चले गए।
एसवाईएल पर जवाब देने से सरकार का इंकार
विधानसभा में एसवाईएल के मुद्दे पर सरकार ने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया। इस मसले पर विधानसभा में इनेलो का ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी स्वीकार नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला जब इस मसले पर बोलना शुरू करने लगे, तो कुछ भाजपा विधायक हंसने लगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये शर्म की बात है कि इस गंभीर मसले का मखौल भाजपा के कुछ विधायक बना रहे हैं। सीएम सिर्फ इतना बता दें कि एसवाईएल मसले पर सरकार का वर्तमान स्टैंड क्या है? सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।