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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: 15 साल कांग्रेस पार्षद रहीं शीला फूल सिंह भाजपा में शामिल, भाजपा के पांच बागी निष्कासित

Mon, 13 Dec 2021 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शीला फूल सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल की करीबी रही हैं। कांग्रेस में वह सेक्टर-25 से टिकट मांग रही थी लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दी। उन्होंने कहा कि टिकट काटने के बाद किसी ने वजह तक भी नही बताई, न ही किसी ने बात की। 
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शीला फूल सिंह भाजपा में शामिल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पिछले 15 साल से कांग्रेस की पार्षद रहीं शीला फूल सिंह सोमवार को भाजपा में शामिल हो गईं। सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने उन्हें पार्टी में शामिल किया। वह टिकट न मिलने के कारण कांग्रेस से नाराज थीं।

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शीला फूल सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल की करीबी रही हैं। कांग्रेस में वह सेक्टर-25 से टिकट मांग रही थी लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दी। उन्होंने कहा कि टिकट काटने के बाद किसी ने वजह तक भी नही बताई, न ही किसी ने बात की। इस वजह से वह नाराज थीं। शीला फूल सिंह के साथ उनके बेटे मनोज सिहान और समर्थक भी भाजपा में शामिल हुए हैं। मनोज युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव रहे हैं। शीला फूल सिंह तीन बार डिप्टी मेयर भी रह चुकी हैं। वे इस समय धनास और सेक्टर-25 से पार्षद हैं, लेकिन अब धनास और सेक्टर-25 अलग अलग हो गए हैं। शीला के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।

बागियों पर कार्रवाई, पांच नेताओं को पार्टी से निकाला

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के विरोध में चुनाव लड़ने वाले पांच बागियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी प्रवक्ता कैलाश जैन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने वार्ड नंबर नौ से बागी होकर चुनाव लड़ रहे गुरप्रीत सिंह हैप्पी, बीस नंबर वार्ड से कृपा नंद ठाकुर, वार्ड नंबर 26 से नरेंद्र चौधरी तथा वार्ड नंबर 32 से मुकेश गोयल तथा अश्वनी गुप्ता के आचरण को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की है। जिसके चलते उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। चुनाव के दौरान कई नेता बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे थे। इनमें से कई बागियों ने नाम वापस ले लिया लेकिन उक्त पांच ने नाम वापस नहीं लिया था। यह अब भी पार्टी के अधिकारिक प्रत्याशियों के विरोध में काम कर रहे थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

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