देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के सुझाव का भाजपा और अकाली दल ने समर्थन किया है तो कांग्रेस ने विरोध जताया है। वीरवार को कांग्रेस के राज्य सभा सांसद आनंद शर्मा के नेतृत्व में संसद की 31 सदस्यीय स्थायी समिति यहां चुनाव सुधार को लेकर राजनीतिक दलों की राय जानने पहुंची थी। चंडीगढ़ के एक निजी होटल में बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सांसदों के सुझाव लिए।
बैठक में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का मुद्दा भी उठा, जिस पर भाजपा-अकाली दल और कांग्रेस आमने- सामने आ गए। हरियाणा भाजपा की ओर से मुख्य सचेतक और विधायक ज्ञान चंद गुप्ता, पंजाब भाजपा के प्रतिनिधि मंजीत राय और शिरोमणि अकाली दल पंजाब की ओर से विधायक दलजीत चीमा ने एक साथ कराने की वकालत की, जिसका हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने खुला विरोध किया।
ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि चुनाव और उप-चुनाव अलग-अलग होने से विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने फर्जी वोट बनाने वाले अधिकारियों और राजनेताओं पर कड़ी कार्रवाई की भी सलाह दी। गुप्ता का कहना था कि गुरुग्राम फर्जी वोट मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पंजाब भाजपा के प्रतिनिधि मंजीत राय ने दूरदर्शन और रेडियो की तरह निजी चैनलों पर भी प्रचार की मंजूरी दिए जाने की सलाह दी।