भाजपा को शहर में 15 सालों बाद ऐतिहासिक जीत मिली और पार्टी ने अपना सांसद बनाया। इस जीत के बाद भी नेताओं के सुर आपस में नहीं मिल रहे हैं। नेताओं में अभी से मतभेद शुरू हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ इसी कारण भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद सत्यपाल जैन पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
शनिवार को चुनाव के बाद पहली बार पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। यूटी गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में भी जैन नहीं पहुंचे। बैठक में सांसद किरण खेर, पार्टी प्रभारी आरती मेहरा, प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन उपस्थित रहे।
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान पार्टी प्रभारी आरती मेहरा ने कई बार जैन को फोन किया, लेकिन उन्होंने उठाया नहीं। इसके अलावा उन्हें मैसेज भी किया गया। इस बारे में सत्यपाल जैन ने कहा कि शनिवार को पीयू में लॉ फैकल्टी की मीटिंग थी, जिस कारण वह कोर कमेटी की बैठक में नहीं पहुंच सके।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सेक्टर-32 में भाजपा के धन्यवाद समारोह में भी जैन नहीं पहुंचे थे। ध्यान रहे कि चुनाव से पहले लोकसभा सीट की टिकट को लेकर पार्टी के नेताओं में आपसी गुटबाजी खूब देखने को मिली थी।
सत्यपाल जैन, हरमोहन धवन और संजय टंडन तीनों नेताओं ने टिकट के लिए खूब जोर अजमाइश की थी, लेकिन पार्टी हाईकमान ने बॉलीवुड अभिनेत्री किरण खेर पर भरोसा जताया।
अगली कार्यकारिणी पर चर्चा
कोर कमेटी की बैठक में पार्टी की अगली कार्यकारिणी के गठन पर भी चर्चा हुई। इस दौरान लोकसभा चुनाव के नतीजों पर भी मंथन हुआ और नेताओं व कार्यकर्ताओं के कामकाज की भी समीक्षा की गई।
हमारी यह ड्यूटी है कि सभी को नेताओं को सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में बुलाया जाए। आना न आना तो उनके अपने हाथ में हैं।
संजय टंडन, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा
मुझे जानकारी नहीं है कि सत्यपाल जैन बैठक में क्यों नहीं आए। मैंने तो उन्हें फोन और मैसेज भी किए थे। मैंने अजय जमवाल को कहा कि वे इस बारे में सत्यपाल जैन से बात करें।
आरती मेहरा, प्रभारी, भाजपा