चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से 22 करोड़ के चर्चित हाउसिंग लोन फर्जीवाड़े के मामले में विशेष अदालत ने सेक्टर-24 स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व प्रबंधक राजिंदर सिंह कलसी को जमानत दे दी है। ईडी की ओर से साल 2012 में राजिंदर सिंह कलसी व दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। चंडीगढ़ स्थित प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में इसी साल राजिंदर सिंह कलसी, करण ठाकुर और सोनिया ठाकुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है।
अदालत में दायर जमानत अर्जी पर याची के वकील की ओर से कहा गया कि साल 2012 में दर्ज मामले में अभियुक्त को 2013 में उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। अभियुक्त ने जमानत की रियायत का दुरुपयोग नहीं किया। वह केस के ट्रायल का सामना कर रहा है। केस में अब इतने साल बाद बाद ईडी ने मामले में शिकायत दर्ज की है, जिसकी सुनवाई में समय लगेगा। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गंभीर अपराध में शामिल है। वह जमानत का फायदा उठाकर भागने के साथ सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत का लाभ देते हुए पांच लाख रुपये बेल बांड पर जमानत दी है। अदालत ने कहा है कि आरोपी को नियमित रूप से अदालत में पेश होना होगा और कोर्ट को सूचित किए बिना देश से बाहर नहीं जा सकेगा।