क्वारंटीन सेंटर में भर्ती मरीज
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यूटी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद क्वारंटीन सेंटरों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। पीयू के इंटरनेशनल गर्ल्स हॉस्टल में बनाए क्वारंटीन सेंटर में भर्ती मरीजों को न तो डॉक्टर देखने आ रहे और न हेल्पलाइन पर कोई सहायता मिल रही है। लोगों को भूखे रखा जा रहा है। समय पर न तो नाश्ता मिलता है न खाना। स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि गंभीर मरीजों को वहां से अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए हंगामा करना पड़ रहा है।
पीयू के इंटरनेशनल गर्ल्स हॉस्टल में भर्ती हल्लोमाजरा निवासी बेबी सिन्हा ने बताया कि 28 अगस्त को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद यहां क्वारंटीन किया गया। उनके साथ उनके बड़े भाई में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। दोनों एक साथ क्वारंटाइन थे। बेबी ने बताया कि उनके भाई की तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो क्वारंटीन सेंटर के कर्मचारी को बताया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। बार-बार कहने पर भी कोई डॉक्टर देखन नहीं आया तो मजबूरन शोर मचाना पड़ा।
इसके बाद उनके भाई को जीएमएसएच-16 में रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेबी ने बताया कि यहां पर कोई डॉक्टर देखने नहीं आता। जो मरीजों के लिए जारी हेल्पलाइन ( 01722920671) नंबर बंद ही रहता है। बेबी ने बताया कि उनकी भाभी की डिलीवरी 26 अगस्त को सेक्टर-22 के सेंटर में हुई थी। वहीं से वह कोरोना पॉजिटिव आ गई थी। उनके संपर्क में आने के बाद उसे और उनके भाई की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। उनके घर में मां और पिता हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भाभी को घर में आइसोलेशन में रखा गया है।
पीयू के हॉस्टल में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों को अगर वहां ऐसी परेशानी आ रही है तो तत्काल चेक करवाकर व्यवस्था ठीक करवाई जाएगी।
- डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच 16 चंडीगढ़