कमजोरी, थकान, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, हाइपरटेंशन, बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा, फटी या लाल जीभ, भूख में कमी।
सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर
- पुरुष: 13.8 से 17.2 ग्राम/डीएल
- महिलाएं: 12.1 से 15.1 ग्राम/डीएल
- बच्चे: 11 से 16 ग्राम/डीएल
- गर्भवती महिलाएं: 11 से 15.1 ग्राम/डीएल
बढ़ाना है खून तो इसका सेवन करें
- आयरन- आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे बीफ, मीट, बीन्स, दाल, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां और सूखे मेवे।
- फोलेट-यह पोषक तत्व और इसका सिंथेटिक रूप फोलिक एसिड, फल और फलों के रस, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, हरी मटर, राजमा, मूंगफली और अनाज प्रोडक्ट्स जैसे रोटी, पास्ता और चावल में पाया जा सकता है।
- विटामिन बी 12- विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थों में मांस, डेयरी प्रोडक्ट और सोया से बनी चीजें शामिल हैं।
- विटामिन सी- विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में खट्टे फल और जूस, मिर्च, ब्रोकोली, टमाटर, खरबूजे और स्ट्रॉबेरी शामिल हैं।
नोट- जैसा जीएमएसएच 16 की आहार विशेषज्ञ मनीषा अरोड़ा ने बताया।
सर्वे की रिपोर्ट बयां कर रही चंडीगढ़ में एनीमिया की गंभीरता (एनएफएचएस 5)
- 6 से 59 माह के एनीमिया ग्रस्त बच्चे- 55 प्रतिशत
- 15 से 49 साल की एनीमिया ग्रस्त महिलाएं- 60.3 प्रतिशत
- 15 से 19 साल की एनीमिया ग्रस्त किशोरियां- 57.5 प्रतिशत
- 15 से 49 साल के एनीमिया ग्रस्त पुरूष- 8.1 प्रतिशत
पोषक तत्वों की कमी और गलत आहार बना रहा बीमार
भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान को लेकर अनदेखी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रही है। खास तौर पर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हैं। इसका मुख्य कारण असमय व असंतुलित भोजन करना है। कामकाजी महिलाएं जहां फास्ट फूड व अनियमित खानपान की आदत के कारण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रही हैं, वहीं गृहणी खुद के सेहत की अनदेखी से बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। ऐसे में जरूरी है खुद के लिए समय निकालना व संतुलित आहार लेना।
-प्रो पूनम खन्ना, आहार विशेषज्ञ पीजीआई सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग