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बैंकों के खिलाफ शिकायतों में 142 फीसदी की बढ़ोतरी, अच्छी बात ये-सब निपटा दी गई 

Wed, 10 Feb 2021 12:51 PM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अपने वादे पर खरा नहीं उतरने पर बैंकों के खिलाफ हुई शिकायतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। चंडीगढ़ के बैंकिंग लोकपाल कार्यालय में एक साल में शिकायतों में करीब 142 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पूरे देश में बैंकिंग लोकपाल के 22 दफ्तर हैं, जिनमें चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि अच्छी खबर यह है कि इन सभी शिकायतों का समय रहते निपटारा भी कर दिया गया है। 
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साल 2018-19 में कुल 13063 उपभोक्ताओं ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जबकि साल 2019-20 में 31594 लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई। चंडीगढ़ के बाद शिकायतों के मामले में कानपुर (23895) और दिल्ली (20817) का नंबर है, जहां बैंकों की वादाखिलाफी की उलाहना रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। चंडीगढ़ में कुल 31651 शिकायतों में से 31650 का फैसला हो चुका है। इनमें कुछ शिकायतें बीते वर्ष की भी हैं।


चंडीगढ़ के बैंकिंग लोकपाल कार्यालय के दायरे में चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के पंचकूला, यमुनानगर व अंबाला के बैंक आते हैं। इसके तहत सभी सरकारी व प्राइवेट बैंक, एटीएम, डेबिट, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल व इलेक्ट्रानिक बैंकिंग, वादे पूरे न करना सहित अन्य शिकायतें की जा सकती हैं। चंडीगढ़ में बैंकिंग लोकपाल कार्यालय का दफ्तर सेक्टर-17 स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चौथे माले पर है। चंडीगढ़ की प्रत्येक शिकायत का निपटारा करने में औसत 1202 रुपये का खर्च आया है।
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किस तरह की शिकायतें आईं

2019-20 में सबसे ज्यादा शिकायतें एटीएम व क्रेडिट कार्ड से संबंधित आईं। इनमें एटीएम का इस्तेमाल करने के बाद पैसे न निकलना, बिना कार्ड का इस्तेमाल किए खाते से पैसे निकलने व चोरी और क्लोन की शिकायतें शामिल हैं। लोन संबंधी शिकायतें भी उपभोक्ताओं ने दर्ज करवाई हैं। इनमें प्रमुख रूप से देरी से लोन स्वीकृत करना, लोन की राशि देने में देरी, समय पर लोन की शिकायतों का निपटारा न करना और बिना ठोस कारण दिए लोन आवेदन को खारिज करना आदि शामिल हैं। 

बैंकिंग लोकपाल कार्यालय में चेक और ड्राफ्ट नॉन-पेमेंट और पेमेंट में हुई देरी, प्लास्टिक मनी, बैंकिंग प्रैक्टिस में गड़बड़ी, बिना सूचना के सर्विस चार्ज वसूलने, आनलाइन बैंकिंग लेनदेन, लोन, एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। शिकायतों की पूरी लिस्ट आरबीआई की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
 
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कैसे करें बैंकों के खिलाफ शिकायत

यदि कोई उपभोक्ता बैंक कर्मियों या अन्य किसी से परेशान है तो वह पहले बैंक के शिकायती सेल में अपनी शिकायत दर्ज करवाए। शिकायत दर्ज होने के बाद उपभोक्ताओं को बैंक के जवाब व समाधान के लिए 30 दिन का समय मिलता है। यदि तय समय पर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती है तो उपभोक्ता बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। 

सबसे पहले यह देखना होगा कि बैंक का ब्रांच किस लोकपाल के क्षेत्र में आता है। ग्राहक अपनी शिकायत सादे कागज पर लिखकर, ई-मेल, ऑनलाइन, फैक्स व कोरियर के जरिए दे सकते हैं। ग्राहक को आरबीआई की वेबसाइट पर बैंकिंग लोकपाल के सेक्शन पर जाना होगा। वहां पर ऑनलाइन शिकायत देने का कॉलम है। शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लगता है। हालांकि, अगर आपने शिकायतों के निपटारे के लिए पहले बैंक के शिकायत समाधान सेल से संपर्क नहीं किया है या फिर यह मामला अदालत में लंबित है, तो लोकपाल आपकी अर्जी खारिज कर सकता है।

किस बैंकिंग लोकपाल कार्यालय में कितनी शिकायतें
कार्यालय    2017-18      2018-19      2019-20   पिछले साल से कितनी बढ़ी
चंडीगढ़     10026         13063       31594        142 फीसदी
भोपाल      4050          6107        14510         137 फीसदी
पटना        7946          7998        17392         117 फीसदी
रांची        1894           2174        4581          110 फीसदी
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