हरियाणा में विधायकों के कामों में अड़ंगा बन रही अफसरशाही का हल नहीं निकल पा रहा है। मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में भी विधायकों ने सीएम के सामने यह मुद्दा रखा।
हालांकि बैठक का मुद्दा बिजली की समस्या थी, लेकिन विधायकों ने बैठक में बिजली के मुद्दे से परे अपना दुखड़ा खूब रोया। विधायकों ने कहा है कि वे अफसरों के कमरे के बाहर खड़े रहते हैं और अफसर उन्हें अंदर नहीं बुलाते।
विधायकों ने यह भी कहा है कि अधिकारियों की वजह से जो रोजाना के काम हैं, वह भी नहीं हो पा रहे हैं। हम जनप्रतिनिधि हैं, जनता के काम नहीं होते हैं तो जनता जवाब पूछती है। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने ऐसे अधिकारियों की लिस्ट भी मांगी है जो सरकार की योजनाओं को मूर्त रूप देने में अड़ंगा साबित हो रहे हैं। विधायकों से भी ऐसे अफसरों के नामों की लिस्ट देने के लिए कहा गया है।
दूसरी ओर बिजली की समस्या ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। विधायकों को मुख्यमंत्री ने फील्ड में उतर कर जनता को यह समझाने के लिए कहा है कि वे अपने बिजली का बिल भरें। संभवत: इसी सप्ताह विधायक जनता के सामने यह गुजारिश करते नजर आएंगे।
शाम पांच बजे से शुरू हुई विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला और प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश भट्ट ने विधायकों की समस्याएं सुनी। बैठक में 21 जून को संपन्न हुए योग दिवस पर चर्चा हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने मंत्री-विधायकों के अलावा प्रदेश की जनता का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तैयारी के साथ जनता तक सरकार की नीतियों को पहुंचाना होगा। इस दौरान हरियाणा में आंदोलनरत कर्मचारियों के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विधायकों ने कहा कि मौजूदा समय में हजारों कर्मचारी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, ऐसे में सरकार की छवि पर गलत असर पड़ रहा है।