चंडीगढ़। मनीमाजरा के बायोमेडिकल हेल्थकेयर का नाम और जीएसटी नंबर इस्तेमाल कर पंजाब समेत सात राज्यों के मेडिकल डीलरों से लाखों की ठगी का मामले सामने आया है। कंपनी के मालिक मनीमाजरा निवासी विनय कुमार को इसका पता तब चला जब लुधियाना के एक डीलर ने उनके नाम पर हो रही ठगी की जानकारी दी। इसके बाद विनय कुमार ने एसएसपी और साइबर सेल को शिकायत दी है। साइबर सेल के प्रभारी हरिओम शर्मा का कहना है कि शिकायत पर जांच चल रही है।
विनय कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते 29 मार्च को लुधियाना के एक डीलर ने फोन कर बायोमेडिकल हेल्थकेयर के नाम पर ठगी की जानकारी दी। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के कुछ अन्य डीलरों ने मेडिकल उपकरण भेजने के नाम पर अपने साथ ठगी की जानकारी दी। डीलरों ने बताया कि ऑर्डर लेकर रुपये ले लिए गए लेकिन सामान नहीं भेजा गया। डीलरों ने बताया कि उन लोगों ने बैंक ऑफ इंडिया के खाते में रुपये ट्रांसफर किए हैं। विनय कुमार ने पंचकूला स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से जानकारी ली तो पता चला कि यह खाता उत्तर प्रदेश में जनधन योजना के तहत खोला गया था। ठग डीलरों को व्हाट्सएप पर फर्जी विजिटिंग कार्ड और बिल भेजकर रुपये खाते में ट्रांसफर करवा लेते थे। उसके बाद डीलरों के नंबर ब्लॉक कर देते थे। ठगों ने बाजार से 20 प्रतिशत सस्ते उपकरण दिलवाने का लालच दिया था। इसमें व्हीलचेयर, डायबिटीज चेक करने की मशीन सहित कई मेडिकल उपकरण शामिल थे। व्हाट्सएप पर ही उपकरणों की सूची मंगवाते थे और बाद में उसी नंबर पर बिल दे देते थे।
जीएसटी नंबर चुराया, आईएफएससी नंबर फर्जी
विनय ने बताया कि आरोपियों ने उनका जीएसटी नंबर भी अपने बिल पर लिखा हुआ था। बैंक खाते के साथ दिया गया आईएफएससी नंबर चंडीगढ़ के सेक्टर-17 बैंक का था, लेकिन बैंक में जानकारी लेने पर पता चला कि खाता उत्तर प्रदेश का है। विनय ने पुलिस को बताया कि आरोपी मेडिकल लाइन से ही जुड़े हैं, इसलिए उन्हें उपकरणों के बारे में सारी जानकारी है।
इन राज्यों के डीलरों को बनाया शिकार
विनय ने शिकायत में बताया है कि कर्नाटक के दो, केरल, आंध्रप्रदेश, बिहार, असम, गुजरात के एक-एक डीलरों ने अपने साथ ठगी की जानकारी दी है।