सोमवार को तीन बार चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दोनों को सोमवार को पेश होने की छूट देते हुए अब अगली सुनवाई पर पेश होने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर दोनों को सीआरपीसी की धारा-204 के तहत नोटिस जारी किया था। इस धारा के तहत दोनों को सोमवार को हाईकोर्ट में पेश होना था।
यह आदेश रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह की ओर से उनके और आयोग के खिलाफ पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत पर सुनवाई करते हुए दिए गए थे।
जस्टिस रंजीत सिंह ने हाईकोर्ट को भेजी शिकायत में सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया द्वारा उन पर और उनकी लॉ की डिग्री पर की गई आपत्तियों और टिप्पणियों का जिक्र किया है। इसके अलावा आयोग और उनके खिलाफ विभिन्न समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर दिए गए इंटरव्यू का भी हवाला दिया है।