अप्रैल 2015 में कार चालक की टक्कर से स्कूटी पर सवार पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहीं युवा वकील मनीषा की मौत पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी एसके सचदेवा ने उनके परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
ट्रिब्यूनल ने कार चालक बिक्रमजीत सिंह, मालिक तेगबीर सिंह और इंश्योरेंस कंपनी रिलायंस जनरल को मृतका के परिवार को 14.65 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस पर 9 फीसदी की दर से ब्याज भी देने को कहा है। हालांकि मृतका के परिवार की ओर से उनकी मासिक आय के आधार पर 2 करोड़ रुपये मुआवजे की अपील की गई थी।
घटना पिछले साल 30 अप्रैल की है। मूलरूप से पटियाला की रहने वाली मनीषा शाम करीब 7 बजे हाईकोर्ट से प्रैक्टिस के बाद सेक्टर-8 स्थित आफिस की ओर जा रही थी। जैसे ही वह सेक्टर-9 और 4 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंची तो तेजी और लापरवाही से आ रही मर्सडीज कार के चालक ने उसे टक्कर मार दी। कार को जालंधर निवासी बिक्रमजीत सिंह चला रहा था।
टक्कर के बाद मनीषा को गंभीर हालत में जीएमएसएच-16 में ले जाया गया। लेकिन, वहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। वहीं मनीषा के पिता सुरेंद्र सिंह और माता कमला देवी की ओर से संबंधित क्लेम याचिका दायर की गई थी।
हालांकि याचिका की सुनवाई के दौरान सुरेंद्र सिंह की भी मौत हो गई थी। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने संबंधित मुआवजा माता कमला देवी को देने के आदेश किए हैं।