छह लोगों के परिवार में अकेले कमाने वाले सीटीयू कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत के बाद जिला अदालत ने उनके परिवार को 70, 71, 810 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
इस राशि पर केस दर्ज करने की तारीख से फैसला सुनाने तक 7.5% की दर से ब्याज भी देना होगा। यह भुगतान ट्रक ड्राइवर, मालिक और इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त तौर पर करना होगा।
कोर्ट में शिकायतकर्ता के वकील अश्वनी अरोड़ा ने दलील दी थी कि अशोक कुमार परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में दो नाबालिग बच्चे, बूढ़े मां-बाप और पत्नी हैं। उनकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ेगा। इसके बाद ही यह फैसला सुनाया गया।
दिसंबर 2013 में हुई थी मौत
सीटीयू में बतौर ड्राइवर काम करने वाले अशोक कुमार 10 दिसंबर 2013 को दोपहर बाद चार बजे सेक्टर-43 बस अड्डे से सेक्टर-25 स्थित डिपो जा रहे थे। सेक्टर-42/43 के चौक पर तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे अशोक कुमार चौक से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। पंजाब नंबर के इस ट्रक को प्रताप सिंह चला रहा था।