बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधीन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीएम केयर फंड से आए खराब वेंटिलेटरों का विवाद बरकरार है। हालांकि इस मामले के मीडिया में आने के बाद अस्पताल प्रशासन की तरफ से संबंधित कंपनी से इन वेंटिलेटरों को रिपेयर करवाया जा रहा है। ठीक हो चुके वेंटिलेटर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।
इस मामले में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शिलेख मित्तल ने बताया कि अस्पताल की टीम की निगरानी में कंपनी के इंजीनियर से वेंटिलेटर ठीक करवाए जा रहे हैं। अभी तक 73 वेंटिलेटर ठीक हुए हैं, लेकिन इनकी गुणवत्ता की जांच की जा रही है। दो दिन पहले ठीक किए गए एक वेंटिलेटर को जब चलाया गया, तो उससे धुआं आया है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल अस्पताल में सरकार की तरफ से कुल 82 वेंटिलेटर आए थे, इसके बाद कई जिला अस्पतालों से भी वेंटिलेटरों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया। इनमें से खराब वेंटिलेटरों को रिपेयर किया जा रहा है। जब तक सभी वेंटिलेटर ठीक नहीं हो जाते, तब तक कंपनी के इंजीनियर को वापस नहीं भेजा जाएगा।
बता दें कि पिछले साल पीएम केयर फंड से 82 वेंटिलेटर फरीदकोट मेडिकल कॉलेज को मिले थे। इनमे से ज्यादातर का एक बार भी इस्तेमाल नहीं किया जा सका था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि यह वेंटिलेटर घटिया क्वालिटी के है और पहले दिन से खराब निकले थे जिसके बारे में पंजाब सरकार को सूचित कर दिया गया था और जहां से भारत सरकार तक सूचना पहुंचा दी गई थी।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस समय 42 वेंटिलेटर सही हालत में कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने उन्हें 10 नए वेंटिलेटर खरीदने की इजाजत दे दी है और अगले 10 दिनों में नए वेंटिलेटरों से कोरोना मरीजों को राहत मिलेगी।
फरीदकोट में कोरोना से अब तक 187 की मौत
उधर, फरीदकोट में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महामारी से सोमवार को पांच और मरीजों की मौत हो गई जिससे मरने वालों का आंकड़ा 187 हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. संजय कपूर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है जिससे मरने वालों की गिनती भी बढ़ रही है। सोमवार को 211 संक्रमित मिलने से अब जिले में संक्रमित मामलों की संख्या 10711 हो चुकी है जिनमें से 8692 ठीक हो चुके है। जबकि अभी 1832 एक्टिव केस है।