मौली जागरां और विकास नगर में कम्युनिटी सेंटर के बनने के बाद कांग्रेस और भाजपा पार्टी के नेता इसके लिए क्रेडिट लेने के लिए सड़कों पर उतरे आए।
जबकि हकीकत यह है कि ये कम्युनिटी सेंटर अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुए हैं। विकास नगर में दो करोड़ की लागत से बने कम्युनिटी सेंटर में न तो अभी बिजली का मीटर लगा है और न ही हॉल के बाहर सामने की और पार्किंग की जगह को पक्का किया गया।
इनके अंदर भी अभी काम चल रहा है। जबकि दोनों भाजपा की इलाका पार्षद राजेंद्र कौर रत्तू को इनके रविवार को उद्घाटन की इतनी जल्दी रही कि उनको कम्युनिटी सेंटर में लगी नंबर प्लेटों पर अपने नाम के आगे लगा श्री भी दिखाई नहीं दिया।
इन प्लेटों में पार्षद रत्तू के नाम के आगे श्रीमति की जगह श्री लिखा हुआ है। वहीं इलाके के पूर्व पार्षद अनिल दूबे का कहना कि उन्होंने 2011 में विकास नगर के कम्यूनिटी सेंटर के लिए दो करोड़, विकास नगर के शॉपिंग सेंटर के लिए करीब चार करोड़, मौली कांप्लेक्स के कम्युनिटी सेंटर के लिए 80 लाख और कांप्लेक्स में ही मिट्टी के तेल पंप के साथ 30 लाख की लागत से थड़ा मार्केट बनने का काम शुरू करवा था।
इनमें से कांग्रेसियों ने थड़ा मार्केट का काम शुरू होने के बाद बंद करवा दिया। जबकि तीन जगहों काम पूरा होने के बाद अब वह इस का क्रेडिट लेने के लिए कांग्रेसी उनको और इलाका पार्षद को बिना बताया इनका उद्घाटन करने का कार्यक्रम तैयार कर बैठे। जोकि उनको और मौली जागरां की जनता को बर्दाश्त नहीं हुआ।
वहीं पूर्व मेयर और पार्षद प्रदीप छाबड़ा का कहना कि भाजपा नेता झूठ बोल रहे हैं। पैसा केंद्र सरकार का लगा है। उसके बावजूद भाजपा के लोगों गंदी राजनीति करके विकास के कामों में अड़चनें पैदा कर रहे है।
पुलिस बल देख लोगों में मचा हड़कंप
सोमवार सुबह भारी पुलिस और दिनभर चारों तरह रस्सी बांधकर रस्ता बंद करने को लेकर इलाके लोगों में पहले दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को कम्युनिटी सेंटर में न जाने देने के बाद कांग्रेसी नेता ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इन कांग्रेसी नेताओं को सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन के एसएचओ अनोख सिंह ने रोक लिया था। इस पर इन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।