चंडीगढ़। घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियों को रोकने के मामले में निगम आयुक्त केके यादव ने सात चालकों को कार्यमुक्त कर दिया है। मामले में आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि कर्मचारी ड्यूटी पर थे, उसके बावजूद उन्होंने काम में बाधा डालने का प्रयास किया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुछ दिन पहले 3 बीआरडी से कचरा डालकर गाड़ियां आ रहीं थीं। इसी दौरान मांगों को लेकर कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों ने गाड़ियों को रोक लिया और धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष श्यामलाल घावरी व स्वच्छता कमेटी के अध्यक्ष भरत कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों ने कर्मचारियों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे लोग नहीं माने। इसके बाद निगम ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह गाड़ियों को वहां से निकलवाया। निगम आयुक्त ने मामले में जांच करवाई, जिसमें 7 गाड़ी चालक दोषी पाए गए। उसके बाद निगम ने सभी चालकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। मामले में पार्षद राजेश कालिया व डोर टु डोर गारबेज सोसाइटी के चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी ने निगम आयुक्त से मिलकर चालकों को माफ कर फिर से काम पर रखने की मांग की है, लेकिन आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि अनुशासनहीनता और काम में बाधा डालने वालों को माफ नहीं किया जा सकता।