राज्य के स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं को पोस व पॉक्सो एक्ट के बारे में करेंगे जागरूक
चंडीगढ़। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए साल पर हरियाणा महिला आयोग ने नई तैयारियां शुरू कर दी। आयोग की तरफ से प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों में पोस व पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। इस महाअभियान में आयोग की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा पर काम करने वाली संस्थाओं, अध्यापकों को जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 31 जनवरी को प्रदेश में महिला सुरक्षा के महाअभियान का शुभारंभ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से कराने की तैयारी है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने बताया कि आयोग की ओर से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं। आयोग की ओर से हर जिले में महिलाओं की शिकायतों पर सुनवाई करने के साथ निष्पक्ष व प्रभावी कार्यवाही करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए झुग्गी-झोपड़ियों, सामुदायिक भवनों, स्कूल, काॅलेज व यूनिवर्सिटी में विशेष कैंप लगाए जाते हैं। मगर छोटी बच्चियों को पोस व पॉक्सो एक्ट की जानकारी नहीं है। उन्हें इस जघन्य अपराध और इसकी शिकायत करने को लेकर सजग करने की दिशा में जागरूकता का महाअभियान चलाया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को सजग करने को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने बताया कि पोस और पॉक्सो एक्ट दोनों एक ही कानून हैं। पोस एक्ट का पूरा नाम यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम है। जबकि, पॉक्सो एक्ट का पूरा नाम यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम है।