हरियाणा सरकार ने राज्य में हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग स्थापित करना अधिसूचित किया है। अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि आयोग में अध्यक्ष सहित कुल चार सदस्य होंगे।
आयोग सरकार के निर्देश पर भारत के संविधान या लागू किसी अन्य कानून के तहत या सरकार के किसी आदेश के तहत अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा से संबंधित सभी मामलों की जांच एवं निरीक्षण करेगा।
आयोग अनुसूचित जातियों के सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास की योजना प्रक्रिया में भागीदारी करेगा एवं परामर्श देगा।
इसके अलावा, आयोग सरकार को अनुसूचित जातियों को प्रभावित करने वाली वैधानिक एवं विकासात्मक नीतियों पर भी परामर्श देगा।
उन्होंने कहा कि आयोग के अन्य कार्यों में अनुसूचित जातियों से संबंधित कानूनों एवं कल्याणकारी उपाय के क्रियान्वयन का निरीक्षण करना, अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए विधि एवं प्रशासनिक सुधारात्मक कार्रवाई शुरू करना शामिल है।
आयोग का अध्यक्ष किसी भी अनुसूचित जाति से संबंधित कोई ऐसा विशिष्ट व्यक्ति होगा जिसे सामाजिक जीवन का व्यापक अनुभव होगा।
सरकार अनुसूचित जातियों से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान रखने वाले योग्य व्यक्तियों में से कम से कम तीन व्यक्तियों को गैर सरकारी सदस्य नियुक्त करेगी।
आयोग के अध्यक्ष या तीन सदस्यों में से किसी एक के पास कम से कम सात वर्ष के अनुभव के साथ कानून की डिग्री होनी चाहिए।