किसानों को धान की अदायगी की 3100 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त केंद्र सरकार ने अब तक जारी नहीं की है। इसके लिए पंजाब के आढ़ती केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के दफ्तर पर डेरा डालेंगे।
धान की अदायगी में पहली बार इतनी समस्या आ रही है। आठ हजार रुपये की पहली किस्त केंद्र ने जारी कर दी थी, लेकिन दूसरी किस्त पर वित्त मंत्रालय ने रोक लगा दी थी।
फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप कैरों दिल्ली जाकर जेटली से मिले थे। तब 10,451 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी की गई थी। अब वित्त मंत्रालय ने तीसरी किस्त पर रोक लगा दी है।
पिछले पंद्रह दिनों से किसान, लेबर, आढ़ती और ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। पंजाब मंडी बोर्ड केवाइस चेयरमैन रविंदर चीमा ने बताया कि आढ़तियों ने सोमवार को फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप कैरों से मुलाकात की। कैरों ने बताया कि पंजाब सरकार कई रिमाइंडर भेज चुकी है। इसके बाद भी तीसरी किस्त जारी नहीं की गई है।
केंद्रीय अधिकारी कह रहे हैं कि संसद का सत्र चल रहा है, वित्तमंत्री व्यस्त हैं। चीमा ने कहा कि आढ़ती मंगलवार को दिल्ली जाकर जेटली से मुलाकात का समय लेने की कोशिश करेंगे। जब तक समय नहीं मिलता, वहीं बैठेंगे। ताकि उन्हें किसानों के हालात बताए जा सकें।
राज्य सरकार दूसरी किस्त रोके जाने पर सारा पक्ष रख चुकी थी। दूसरी किस्त जारी करने के बाद अब तीसरी किस्त रोकने का कोई तुक नहीं था। इन हालातों में तो गेहूं सीजन को लेकर तमाम आशंकाएं हो रही हैं।
अब तक 117 लाख टन धान की खरीद
पंजाब की मंडियों में अब तक 117.62 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसमें सरकारी एजेंसियों ने 115.68 लाख टन और व्यापारियों ने 1.94 लाख टन धान खरीदा है। सरकारी एजेंसियों में सबसे ज्यादा 36.73 लाख टन धान पनग्रेन ने खरीदा है।