किसी ने पत्नियों को निशाना बनाया तो किसी ने राजनीतिज्ञों को। किसी के निशाने पर फिल्म की अभिनेत्रियां थीं तो किसी ने फिल्मी गीतों पर ही कटाक्ष कर दिया।
मौका था मंगलवार को सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का। मंच पर कवि एक के बाद एक आते गए और दर्शक लोटपोट होते गए।
यूटी के पर्यटन विभाग की ओर से मनाए जा रहे विश्व पर्यटन सप्ताह-2014 के अंतिम दिन आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में पहुंचे कवियों की कविताओं और बातों पर दर्शक लगातार ठहाके लगाते रहे। इस मौके पर यूटी के पर्यटन निदेशक कशिश मित्तल और वन एवं पर्यावरण निदेशक संतोष कुमार मौजूद थे।
शंभु ने गाड़े हंसी के तंबू
लॉफ्टर चैलेंज जैसे रिएलिटी शो में परफार्म कर चुके शंभु सिखर ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर बाबा रामदेव पर कविताओं के माध्यम से कटाक्ष किया।
शंभु ने कहा कि काफी अध्ययन के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि महिलाएं हर विभाग में काम कर सकती हैं, लेकिन दमकल विभाग में नहीं। महिलाओं का काम आग लगाना है, बुझाना नहीं।
हुक्का बिजनौरी ने फिल्मी गीतों के अर्थ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गीत ऐसे लिखे जा रहे हैं जिनका कोई अर्थ ही नहीं होता है।
हुक्का ने जब ऐसे कई गीतों का उदाहरण दिया तो दर्शक हंसते हंसते लोटपोट हो गए। इस कवि सम्मेलन में अरुण जेमिनी, डॉ.मोहिंदर शर्मा, जगजीत सूफी और यूसुफ भारद्वाज ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
उधर, विश्व पर्यटन सप्ताह के अंतिम दिन सुबह सेक्टर-42 स्थित गार्डन ऑफ पॉम में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल के छात्र रोहित को पहला और जीएमएसएसएस-15 के हरि ओम को दूसरा पुरस्कार मिला।
तीसरा पुरस्कार जीएमएसएसएस-37 के अनमोल शर्मा को मिला। संदीप, तान्या, जगदीप कुमार, संगीता और सभा को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। विश्व पर्यटन सप्ताह के मौके पर ही सेक्टर-17 प्लाजा में नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। इस नाटक में युवाओं को फेसबुक की बढ़ती लत से बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।