चंडीगढ़। शहर के सभी कॉलेजों को खोलने को लेकर शनिवार को सभी कॉलेज प्राचार्यों ने सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में बैठक की। इस दौरान सामाजिक दूरी और स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए विद्यार्थियों को कॉलेज कैसे बुलाया जाए, इस पर चर्चा की गई। डीएवी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि हमने योजना बनाई है कि चरणबद्ध तरीके से हमें कॉलेजों को खोलना चाहिए। इसके लिए पहले हम विज्ञान संकाय के यूजी व पीजी अंतिम वर्ष और रिसर्च के विद्यार्थियों को सोमवार से कॉलेज बुलाएंगे।
डॉ. शर्मा ने बताया कि हमने तय किया है कि पहले विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को बुलाया जाए क्योंकि इनका 70 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम लैब पर आधारित होता है, जो ऑनलाइन कक्षा के दौरान हो नहीं पा रहा है। इसके साथ ही शोध के विद्यार्थी भी बुलाए जाएंगे। वहीं कला संकाय के यूजी और पीजी के विद्यार्थियों का लगभग 70-80 प्रतिशत पाठ्यक्रम ऑनलाइन ही पूरा हो गया है, इसलिए उन्हें एक हफ्ते बाद में बुलाने की योजना बनाई गई है। अभी पहले हम विद्यार्थियों की ऑफलाइन कक्षा की मॉनीटरिंग भी करेंगे, जिससे हम आगे सभी विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाने को लेकर सुदृढ़ योजना बना सकें।
शिक्षा विभाग की ओर से इस हफ्ते जारी निर्देशों के अनुसार 23 नवंबर से यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को ही रेगुलर कक्षा के लिए बुलाया जाएगा क्योंकि इन विद्यार्थियों की प्लेसमेंट और थीसिस का समय है। पहले ट्राइसिटी के स्थानीय विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा। एक दिसंबर से कॉलेज प्रमुख अपने हिसाब से छात्रावासों की व्यवस्था करके बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को बुला सकते हैं। 23 नवंबर से सभी शिक्षकों और स्टाफ को नियमित रूप से कॉलेज आना होगा। कॉलेज प्रमुख को अगर जरूरत महसूस होती है तो यूजीसी के साथ वे अपने स्थानीय दिशानिर्देश भी बना सकते हैं जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके।
बाहर के विद्यार्थियों को देंगे छात्रावास की सुविधा
ट्राइसिटी से बाहर के विद्यार्थियों के लिए हमन छात्रावास तैयार करवा लिए हैं। ऐसे समय मे विद्यार्थियों का पीजी या किराए पर रहना स्वास्थ्य की दृष्टि से सही नहीं है। हमने छात्रावासों की सफाई करवाकर कमरे सैनिटाइज करवा लिए हैं। विद्यार्थियों को सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए कमरे दिए जाएंगे और खाना इत्यादि भी छात्रावास में ही मुहैया करवाया जाएगा। -डॉ. पवन शर्मा, डीएवी-10, प्राचार्य
यूजीसी के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखकर बनाई योजना
पहले चरण में अंतिम वर्ष के प्रैक्टिकल और शोध के विद्यार्थियों को कॉलेज बुलवा रहे हैं। हमने यूजीसी के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही योजना तैयार की है। कॉलेज परिसर को सैनिटाइज करवा दिया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों के तापमान की जांच के लिए मशीनें भी उपलब्ध करवाई गई है। -प्रो. अनिता कौशल, पीजीजीसीजी-11, प्राचार्य
विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का भी किया इंतजाम
कॉलेज प्राचार्यों ने बताया कि कॉलेज में डिस्पेंसरी को तैयार करवाया गया है। जहां आपातकाल के लिए एक डॉक्टर भी है। अगर किसी विद्यार्थी को कॉलेज आने के बाद कोई समस्या होती है तो प्राथमिक स्तर पर इलाज मुहैया कराने की कॉलेज ने व्यवस्था की है। इससे कोरोना के चलते एकाएक सामने आए किसी आपातकाल से निपटने में मदद मिलेगी।
कॉलेज आने से पहले ई-मेल करना होगा अनुमति पत्र
विद्यार्थियों को कॉलेज आने से पहले अपना और अभिवावकों की अनुमति का पत्र कॉलेज को ई-मेल करना होगा। कॉलेज प्राचार्यों ने बताया कि ज्यादातर विद्यार्थी कॉलेज आना चाहते हैं। आदेशों से पहले भी विद्यार्थी लगातार कॉलेज खोलने की मांग कर रहे थे। विद्यार्थियों का पक्ष था कि नौ महीने घर में बैठे-बैठे वे मानसिक तनाव में आ गए हैं।