चंडीगढ़। दिल्ली की सीमाओं पर करीब एक महीने से धरने पर बैठे किसानों की सहायता के लिए चंडीगढ़ की समाजसेवी संस्था समस्या समाधान टीम ने 10 टन सूखी लकड़ियों से भरा ट्रक दिल्ली भेजा है। टीम के सदस्यों ने कहा कि किसान सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि हर देशवासी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए उनकी सहायता करनी चाहिए।
लकड़ियों से भरे ट्रक को रवाना करने के मौके पर समस्या समाधान टीम के मनोज शुक्ला ने कहा कि पिछले एक महीने से किसान बॉर्डर पर खुले में लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए टीम के सदस्य ओंकार सैनी और प्रवीन की मदद से 10 टन सूखी लकड़ियों से भरा ट्रक दिल्ली धरने के लिए भेजा गया है। ओंकार सैनी ने कहा कि यह आंदोलन बेशक किसानों ने शुरू किया है मगर अब आम जनता को पता लग चुका है कि यह लड़ाई किसानों की ही नहीं बल्कि आम जनता की भी है। कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में मास्क और सैनिटाइजर की कीमतों में वृद्धि हुई थी तो सरकार ने इन सभी को आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची में डाल कर इनका मूल्य नियंत्रण किया था। इसी प्रकार सरकार प्याज के दाम बढ़ने पर इनको आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची में डालती है और अनाधिकृत तरीके से प्याज की जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई करती है मगर अब सरकार ने किसानों की भलाई की आड़ में आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव किया है और अब कोई भी व्यापारी किसी भी सामान को जितना मर्जी संग्रह कर सकता है। इससे कालाबाजारी, महंगाई और भ्रष्टाचार का बढ़ना तय है। इस मौके पर 10 टन सूखी लकड़ियां लेकर किसानों की सेवा में मनोज शुक्ला, ओंकार सैनी, रामफल लोहान, गुरप्रीत सिंह, कर्ण और देव दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने गए हैं।