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कोचिंग बीच में छोड़ी तो सेंटर ने पैसे रिफंड करने से किया मना, लगा जुर्माना

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चंडीगढ़। कोचिंग छोड़ने के बाद छात्रा को फीस की राशि रिफंड न करना एलेन कोचिंग सेंटर को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने कोचिंग सेंटर की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता नहीं है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थान किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान नहीं करता है। फोरम ने कोचिंग सेंटर को सेवा में कोताही का दोषी पाते हुए निर्देश दिए कि वह शिकायतकर्ता को जितनी कक्षाएं उसने लगाईं हैं, उसकी फीस काटकर बाकी के 66 हजार रुपये वापस करे। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 15,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करे। आदेश की कॉपी मिलने के 30 दिन के अंदर इसका पालन करना होगा, नहीं तो कंपनी को रिफंड और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा। ये आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।
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मनीमाजरा के मॉडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स में रहने वाले अनिल नाथ की पुत्री ने उपभोक्ता फोरम में सेक्टर-34 स्थित एलेन इंस्टीट्यूट के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 88 हजार रुपये देकर उन्होंने साल भर के लिए कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया। तीन महीने की कक्षाएं लगाईं। इस दौरान उनका दाखिला जीएमएसएसएस-16 में हो गया। स्कूल टाइमिंग की वजह से वह कोचिंग नहीं जा पा रही थीं इसलिए उन्होंने कोचिंग सेंटर नहीं जाने का फैसला लिया और बचे हुए 9 महीने की फीस रिफंड करने की मांग की। लेकिन कोचिंग सेंटर ने फीस वापस करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद ही उन्होंने उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने एलेन इंस्टीट्यूट को नोटिस जारी किया। अपने जवाब में एलेन ने कहा कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता नहीं है क्योंकि शैक्षणिक संस्थान किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान नहीं करता है। हालांकि फोरम ने इस तर्क को नहीं माना और कोचिंग सेंटर को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया।
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