अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा सत्र में डीएपी खाद की कमी पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सीएम नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के विधायकों का जवाब देते हुए कहा- प्रदेश में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। राज्य में डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केवल खाद की कमी की अफवाहें फैलाई जा रही हैं और किसानों को बहकाया जा रहा है। सीएम ने कहा कि वे भी किसान के बेटे हैं, खाद की समस्या क्या होती है, ये उन्हें मालूम है। प्रदेश में किस पैक्स पर कितनी खाद उपलब्ध है, उसके आंकड़े भी सरकार के पास उपलब्ध है। यदि किसी सदस्य को कोई और जानकारी चाहिए तो वह उसे उपलब्ध करवा देंगे। इस पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब किसान को जरूरत थी तो उस दौरान डीएपी खाद मिली नहीं। बाद में देने का कोई फायदा नहीं।
हुड्डा ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि नवंबर में हरियाणा को डीएपी का स्टॉक कितना आवंटित हुआ। 12 नवंबर के आसपास किसानों की कितनी खाद की जरूरत थी और डीएपी का कितना स्टॉक मिला। यदि जरूरत के मुताबिक स्टॉक कम आया है तो इसका मतलब है कि किसान परेशान हुआ है। सीएम ने कहा कि नवंबर के लिए 1,10,200 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन हुआ है। 12 नवंबर को स्टॉक के बारे में वह नहीं बता पाए। उन्होंने कहा-इसकी जानकारी बाद में उपलब्ध करवा देंगे।
वहीं, कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि गेहूं और सरसों की फसल अगेती बिजाई की जाती है। सवाल यह है कि जब किसान को जरूरत होती थी तो उस समय किसान को डीएपी नहीं मिलता। पांच नवंबर तक दोनों फसलों की बिजाई पूरी हो जाती है। मगर उस समय प्रदेश में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं थी।
वहीं, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सत्र को बताया, भारत सरकार ने चालू रबी सीजन 2024-25 के लिए 2 लाख 60 हजार मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया है। डीएपी का अक्टूबर और नवंबर 2024 का आवंटन 2 लाख 25 हजार मीट्रिक टन है। इस वर्ष रबी सीजन की शुरुआत में राज्य के पास 54,000 मीट्रिक टन का स्टॉक था और 16 नवंबर 2024 तक एक लाख 52 हजार मीट्रिक टन डीएपी भारत सरकार से प्राप्त हुई है। 15 नवंबर तक एक लाख 86 हजार मीट्रिक टन की खपत हो चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान एक लाख 65 हजार मीट्रिक टन डीएपी की खपत हुई थी। जिलों में अभी भी 21,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है।
कालाबाजारी को लेकर 185 छापे मारे गए
कृषि मंत्री ने बताया कि कालाबाजारी को लेकर एक अप्रैल से 185 छापे मारे गए हैं और 105 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनके अलावा , 2। लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 8 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। सात एफआईआर दर्ज की गई हैं और 16 मामलों में बिक्री रोक दी गई है।