मनोहर लाल ने सिंधिया के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति में महिला के नाते देश में एक आदर्श कायम किया। उनकी राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता ने ही उन्हें राजमाता से लोकमाता बनाया। वे विचारधारा और सिद्धांतों के प्रति आजीवन अडिग रहीं। उन्होंने यह दिखाया कि जनप्रतिनिधि के लिए सत्ता नहीं जनसेवा सबसे महत्वपूर्ण है।
कोरोना के खिलाफ जनांदोलन की उठाई शपथ
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फिर एक बार कोरोना महामारी से लड़ने की प्रतिज्ञा लेकर प्रदेश के लोगों को अपना संदेश दिया। उन्होंने हरियाणा सिविल सचिवालय से प्रतिज्ञा लेकर महामारी से लड़ने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रतिज्ञा दिलाते हुए कहा कि वे कोविड-19 के बारे में सतर्क रहेंगे। इससे जुड़े खतरे को हमेशा ध्यान में रखेंगे। इस घातक विषाणु के प्रसार को रोकने संबंधी सभी आवश्यक सावधानियां बरतने का वे वचन देते हैं।
कोविड से जुड़े आचार-व्यवहार का अनुसरण करने और दूसरों को भी इसके लिये प्रोत्साहित करने का भी वचन लेते हैं। वे सार्वजनिक स्थलों पर विशेषकर सदैव मास्क, फेस कवर पहनेंगे। दूसरों से कम-से-कम दो गज की दूरी बनाकर रखेंगे। वे अपने हाथों को नियमित रूप से और अच्छी तरह साबुन और पानी से धोएंगे।
हम एक साथ मिलकर कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतेंगे। मुख्य सचिव विजय वर्धन के अलावा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व सचिवालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के साथ कोविड-19 से लड़ने की प्रतिज्ञा ली। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ जिला लघु सचिवालयों से सभी डीसी ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिज्ञा ली। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी यह प्रण लिया।