मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रदेश सरकार के सभी प्रयासों के डाक्यूमेंटेशन का कार्य हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के निर्देशन में किया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण जनगणना 2021 का कार्य रुक गया था, वहीं हमने इन दिनों में लगभग 20,000 स्थानीय कमेटियां गठित करके उनके माध्यम से प्रदेश के 25 लाख परिवारों के साधनों और आवश्यकताओं के सर्वे का कार्य करवाकर उसे डिजिटल रूप से स्टोर किया है। 3.73 लाख ऐसे परिवार थे, जिनके पास किसी प्रकार का राशन कार्ड नहीं था।
राज्य सरकार ने उनको डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी किए हैं और उनको मुफ्त राशन दिया जा रहा है। 13.40 लाख परिवारों को 553 करोड़ रुपये की राशि का सीधे हस्तांतरण का लाभ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के भय के कारण लोगों में मानसिक तनाव बढ़ा है। इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष विभाग ने कई प्रोडक्टस तैयार किए हैं और उन्हें हर जन तक मुफ्त पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि सरकार की अपील पर उद्यमियों ने श्रमिकों को लॉकडाउन अवधि के दौरान बिना कार्य के वेतन दिया है। इसलिए आगे इतने समय अतिरिक्त काम का सिंगल वेतन दिया जाना चाहिए।
अपात्र को काटने से 45 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न सरप्लस
सीएम ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार करते हुए हरियाणा ने अपात्र लाभानुभोगियों को कम किया है, जिसके फलस्वरूप भारतीय खाद्य निगम के पास हरियाणा को आवंटित किए जाने वाले खाद्यान्न 45,000 मीट्रिक टन सरप्लस हो गए हैं। इसलिए हरियाणा का अनुरोध है कि भारतीय खाद्य निगम को निर्देश दिए जाएं कि मई से अगस्त तक इसका उपयोग डिस्ट्रेस राशन टोकन वाले परिवारों को मुफ्त राशन देने के लिए करें।